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छेड़खानी करने वाले आरोपी को सजा; मा.अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय-03, जालना का महत्वपूर्ण निर्णय

सोलह वर्षीय बालिका का पीछा करने और अश्लील टिप्पणी करने वाले आरोपी को छह महीने का सश्रम कारावास और 5,000/- रुपये जुर्माने की सजा

जालना/कादरी हुसैन

दि. 07/05/2026 को मा. विशेष जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जालना **मा. के. वी. मोरे साहब** ने आरोपी **शेख अशपाक शेख सलीम** (उम्र 18 वर्ष, निवासी टेंभुर्णी, ता. जाफराबाद, जिला जालना) को धारा 354-डी (IPC) और धारा 12 (POCSO एक्ट) के तहत दोषी पाया। न्यायालय ने आरोपी को छह महीने का सश्रम कारावास और 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की स्थिति में उसे एक महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। इस मामले में सरकार की ओर से विशेष सरकारी अभियोक्ता वर्षा लक्ष्मीकांत मुकीम ने पैरवी की।

घटना का संक्षिप्त विवरण:
मामले की पीड़िता वर्ष 2017 में कक्षा 10वीं की छात्रा थी और उसकी आयु 16 वर्ष थी। दिनांक 09/01/2017 को जब वह अपनी सहेली के साथ स्कूल जा रही थी, तब गांव के ही शेख अशपाक शेख सलीम ने उसका पीछा किया। उसने पीड़िता का नाम पुकारा और उसे लज्जित करने वाली बातें कीं। आरोपी ने अश्लील हरकतें कर उसका विनयभंग किया।
उसी समय पीड़िता के चाचा वहां पहुंच गए और उन्होंने अशपाक को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह भाग निकला। लड़की के पिता ने उसी दिन टेंभुर्णी पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के आधार पर सहायक पुलिस उपनिरीक्षक श्री आर. आर. भावले ने अपराध क्रमांक 06/2017 दर्ज किया। जांच अधिकारी श्री एस. एम. मेहेत्रे ने मामले की पूरी जांच कर आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र (Charge sheet) दाखिल किया।

न्यायालय की कार्यवाही:
मुकदमे के दौरान सरकार की ओर से कुल सात गवाहों का परीक्षण किया गया। इनमें पीड़िता, उसके पिता, आरोपी को पकड़ने का प्रयास करने वाले चाचा, घटना की चश्मदीद सहेली, पंच गवाह और जांच अधिकारी की गवाही अत्यंत महत्वपूर्ण रही।
न्यायालय ने सरकारी पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों को स्वीकार करते हुए आरोपी शेख अशपाक को दोषी करार दिया। सजा के साथ ही न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि जुर्माने की राशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में दी जाए।

इस सफल अभियोजन में विशेष जिला सरकारी अभियोक्ता वर्षा लक्ष्मीकांत मुकीम के साथ डॉ. नितिन कटेकर (उपविभागीय अधिकारी, भोकरदन), श्री के. बी. भारती (पुलिस उपनिरीक्षक, टेंभुर्णी) और कोर्ट पैरवी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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