मराठवाड़ा में मानसून की जोरदार वापसी, औरंगाबाद-जालना में अतिवृष्टि, कई गांवों का संपर्क टूटा

औरंगाबाद | प्रतिनिधि
मराठवाड़ा में पिछले कई दिनों से रुका हुआ मानसून आखिरकार जोरदार बारिश के साथ लौट आया है। क्षेत्रभर में हुई भारी बारिश से नदियां और नाले उफान पर हैं, जबकि बुवाई का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। औरंगाबाद और जालना जिलों के कुल नौ राजस्व मंडलों में अतिवृष्टि दर्ज की गई है।
पैठण तहसील के आडूल मंडल में सबसे अधिक 98 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं औरंगाबाद शहर में 91.2 मिमी, कचनेर में 80 मिमी तथा चिकलठाणा क्षेत्र में 84 मिमी वर्षा दर्ज की गई। जून माह में अब तक मराठवाड़ा संभाग में कुल 47.7 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है।
जालना शहर सहित रामनगर, पाचणवडगांव और धनगर पिंपरी क्षेत्रों में भारी बारिश हुई। इस दौरान बिजली गिरने और तेज बारिश से मकानों को नुकसान पहुंचा तथा चार मवेशियों की मौत हो गई। रामनगर में 90 मिमी, धनगर पिंपरी में 91 मिमी और जालना शहर में 87 मिमी बारिश दर्ज की गई।
परभणी (जिंतूर): जिंतूर तहसील के आडगांव क्षेत्र में बादल फटने जैसी बारिश हुई, जिससे खेतों की मिट्टी बह गई। नाले में बाढ़ आने से आडगांव बाजार से आडगांव फाटा तक मुख्य सड़क बंद हो गई। आडगांव बाजार, मोखेड, गडदगव्हाण, सोरजा, टाकळखोपा, भुसकाढोपा, श्रीरामवाड़ी, चितनेरवाड़ी, दगडवाड़ी और रायगढ़ तांडा समेत 8 से 10 गांवों का संपर्क टूट गया है।
नांदेड़: हदगांव, अर्धापुर, मुखेड और कंधार क्षेत्रों में बुधवार दोपहर मेघगर्जना के साथ तेज बारिश हुई। हदगांव में लगातार तीन घंटे तक मूसलाधार वर्षा होने से किसानों को बड़ी राहत मिली।
हिंगोली: हिंगोली शहर के पास बासंबा क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पुल का निर्माण कार्य जारी होने के कारण सर्विस रोड पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। प्रसिद्ध औंढा नागनाथ मंदिर परिसर भी बारिश के पानी से भर गया।
लातूर: जिले में अभी भी व्यापक बारिश का इंतजार है। हालांकि जळकोट क्षेत्र में सबसे अधिक 132.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि अन्य क्षेत्रों में केवल हल्की बारिश हुई।
उस्मानाबाद: जिले में अब भी लगभग 80 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि कम से कम 100 मिमी बारिश होने तक बुवाई में जल्दबाजी न करें।
