जायकवाड़ी के पानी का करें उचित नियोजन, भविष्य में न हो जल संकट: पालकमंत्री संजय शिरसाट

औरंगाबाद • खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
नासिक और अहमदनगर क्षेत्र में हुई अच्छी बारिश के चलते जायकवाड़ी बांध में बड़े पैमाने पर पानी की आवक हुई है। इससे मराठवाड़ा पर मंडरा रहा संभावित जल संकट टल गया है। हालांकि, बांध में उपलब्ध पानी का उपयोग बेहद सावधानी और योजनाबद्ध तरीके से किया जाना जरूरी है। कृषि सिंचाई, उद्योग और पेयजल के लिए भविष्य में पानी की कमी न हो, इसके लिए जलसंपदा विभाग को अभी से उचित जल नियोजन करना चाहिए। यह निर्देश पालकमंत्री संजय शिरसाट ने पैठण में दिए।
जायकवाड़ी बांध के 100 प्रतिशत भर जाने के अवसर पर पालकमंत्री संजय शिरसाट के हाथों नाथसागर जलाशय का जलपूजन किया गया। इस अवसर पर विधायक विलास भुमरे प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

कार्यक्रम में महापौर समीर राजूरकर, विभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत, जिलाधिकारी विनय गौड़ा जी.सी., उपविभागीय अधिकारी नीलम बाफना, नगरसेवक हर्षदा शिरसाट, अधीक्षक अभियंता राजेंद्र धोडपकर, कार्यकारी अभियंता गणेश हासे, उपअभियंता श्रद्धा निंबालकर, तहसीलदार ज्योति पवार, गट विकास अधिकारी मनोरमा गायकवाड़, उपविभागीय पुलिस अधिकारी सुनील पाटील, पुलिस निरीक्षक महादेव गोमारे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
पालकमंत्री शिरसाट ने कहा कि जायकवाड़ी बांध मराठवाड़ा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस परियोजना से कृषि, उद्योग और नागरिकों की पेयजल जरूरतें पूरी होती हैं। इस वर्ष बांध के पूरी क्षमता से भरने से राहत मिली है, लेकिन उपलब्ध पानी का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि पानी का उचित प्रबंधन किया गया तो आगामी समय में सिंचाई के साथ औद्योगिक और पेयजल की जरूरत भी प्रभावी तरीके से पूरी की जा सकेगी। इसके लिए संबंधित विभागों को अभी से आवश्यक नियोजन करना चाहिए।
विधायक विलास भुमरे ने कहा कि मराठवाड़ा की जीवनदायिनी माने जाने वाले नाथसागर में इस वर्ष बड़े पैमाने पर पानी आने से किसानों और नागरिकों में खुशी का माहौल है। यह जलसंचय केवल पानी नहीं, बल्कि खेती, उद्योग, पेयजल और मराठवाड़ा के समग्र विकास के लिए नई उम्मीद है। प्रकृति से मिली इस अमूल्य जलसंपदा का संरक्षण और उचित उपयोग करना सभी की जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर पालकमंत्री संजय शिरसाट के हाथों विधिवत नाथसागर जलाशय का जलपूजन किया गया। गोदावरी नदी की साड़ी-चोली से ओटी भरकर श्रीफल अर्पित किया गया। जायकवाड़ी परियोजना के नियंत्रण कक्ष परिसर में आयोजित कार्यक्रम में प्रकृति द्वारा प्रदान की गई जलसंपदा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।
जायकवाड़ी बांध के पूरी क्षमता से भरने के बाद मराठवाड़ा में कृषि सिंचाई, पेयजल और औद्योगिक जलापूर्ति के लिहाज से राहत की स्थिति बनी है। नाथसागर क्षेत्र में भी इसको लेकर संतोष का माहौल है।
