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मराठा आरक्षण की पृष्ठभूमि में जाति वैधता प्रमाणपत्रों के लिए बढ़े आवेदन, 2.59 लाख प्रमाणपत्र वैध

औरंगाबाद • खासदार टाईम्स वृत्तसेवा 

मराठा आरक्षण की पृष्ठभूमि में राज्यभर से कुणबी, मराठा-कुणबी और कुणबी-मराठा जाति प्रमाणपत्रों की वैधता के लिए आवेदनों की संख्या तेजी से बढ़ी है। 24 अक्टूबर 2023 से 31 जुलाई 2026 के बीच राज्य की जाति पडतालणी समितियों के पास कुल 2 लाख 96 हजार 246 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 2 लाख 59 हजार 844 प्रमाणपत्रों को वैधता प्रदान की गई है, जबकि केवल 219 आवेदन खारिज किए गए। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में 10 हजार 843 आवेदनों पर निर्णय लंबित है।

मराठा समाज की मांगों के मद्देनजर राज्य सरकार ने न्यायमूर्ति संदीप शिंदे की अध्यक्षता में समिति गठित की थी। इस समिति ने राज्यभर के पुराने अभिलेखों में कुणबी संबंधी प्रविष्टियों की तलाश की।

मराठवाड़ा में मिले कुणबी रिकॉर्ड के प्रमाण

मराठवाड़ा सहित राज्य के विभिन्न गांवों में मराठा समाज से संबंधित 1967 से पहले के कुणबी रिकॉर्ड के बड़ी संख्या में प्रमाण मिले हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर पात्र लोगों को कुणबी जाति प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं। तहसील स्तर से जारी जाति प्रमाणपत्र की जिला स्तरीय जाति पडतालणी समिति से वैधता प्राप्त करना अनिवार्य है। इसी वजह से जाति वैधता प्रमाणपत्र के लिए आवेदनों की संख्या तेजी से बढ़ी है।

नासिक विभाग से सबसे अधिक आवेदन

राज्य में सबसे अधिक 1 लाख 20 हजार 324 आवेदन नासिक विभाग से प्राप्त हुए। इनमें से 1 लाख 4 हजार 546 प्रमाणपत्रों को वैधता दी गई, जबकि 30 आवेदन खारिज हुए।

नागपुर विभाग में 57 हजार 69 आवेदनों में से 56 हजार 376 प्रमाणपत्र वैध पाए गए और 11 आवेदन खारिज किए गए।

अमरावती विभाग में 53 हजार 712 आवेदनों में से 49 हजार 118 प्रमाणपत्रों को वैधता मिली, जबकि 58 आवेदन नामंजूर हुए।

पुणे विभाग में 25 हजार 703 आवेदनों में से 17 हजार 814 प्रमाणपत्र वैध किए गए और 25 आवेदन खारिज हुए।

कोकण विभाग में 19 हजार 295 आवेदनों में से 16 हजार 393 प्रमाणपत्रों को वैधता मिली, जबकि 34 आवेदन नामंजूर किए गए।

मराठवाड़ा में 20,143 आवेदन, 61 नामंजूर

मराठवाड़ा के आठ जिलों में जाति प्रमाणपत्रों की जांच के लिए कुल 20 हजार 143 आवेदन दाखिल किए गए। इनमें से 15 हजार 597 प्रमाणपत्रों को वैधता प्रदान की गई, जबकि 61 आवेदन नामंजूर किए गए।

अपर्याप्त दस्तावेज और अन्य दो कारणों के चलते 2 हजार 528 आवेदनों का निपटारा किया गया है। वहीं, 1 हजार 957 आवेदनों पर अभी निर्णय लंबित है। राज्य के छह विभागों में मराठवाड़ा में सबसे अधिक 61 आवेदन नामंजूर किए गए हैं।

राज्य का पूरा आंकड़ा

प्राप्त आवेदन: 2,96,246
वैध प्रमाणपत्र: 2,59,844
नामंजूर आवेदन: 219
प्रलंबित आवेदन: 10,843

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