मुख्यमंत्री फडणवीस से जयंत पाटिल की मुलाकात पर सियासी हलचल, एनडीए में शामिल होने की अटकलों पर दी सफाई

मुंबई | खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों ‘ऑपरेशन टाइगर’ के बाद ‘ऑपरेशन तुतारी’ की चर्चा तेज है। इसी बीच मंगलवार रात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के वरिष्ठ नेता प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे की मुलाकात के बाद राजनीतिक हलचल बढ़ गई। इसके तुरंत बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) के नेता जयंत पाटिल के भी वर्षा बंगले पर मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचने की खबर सामने आने से कई तरह की अटकलें शुरू हो गईं।
हाल के दिनों में ऐसी चर्चाएं चल रही थीं कि शरद पवार गुट एनडीए में शामिल हो सकता है। मानसून सत्र के दौरान पार्टी के 10 में से 9 विधायकों की एक कथित गोपनीय बैठक की खबर भी सामने आई थी, जिसमें भाजपा के साथ जाने को लेकर चर्चा होने की बात कही गई थी। ऐसे में दोनों गुटों के नेताओं की मुख्यमंत्री से मुलाकात ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया।
इस पूरे घटनाक्रम पर पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए जयंत पाटिल ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनकी मुलाकात पहले से तय थी। उन्होंने बताया कि ईश्वरपुर नगराध्यक्ष की अयोग्यता से जुड़े मामले पर चर्चा करने के लिए वे मुख्यमंत्री से मिलने गए थे। उन्होंने कहा कि उनकी मुलाकात लगभग 10 मिनट तक चली और उसके बाद वे वर्षा बंगले से बाहर निकल गए।
जयंत पाटिल ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे से कोई मुलाकात नहीं हुई। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी भी नहीं थी कि दोनों नेता उसी समय वर्षा बंगले पर मौजूद थे। उन्होंने यह भी साफ किया कि मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में किसी भी प्रकार की राजनीतिक चर्चा नहीं हुई।