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औरंगाबाद में स्मार्ट मीटर पर सवाल, बिजली इस्तेमाल शून्य फिर भी एक साल से आ रहा औसत बिल

औरंगाबाद | खासदार टाईम्स वृत्तसेवा 

औरंगाबाद : महावितरण की ओर से स्मार्ट मीटर के जरिए सटीक बिजली बिल देने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बावजूद उपभोक्ताओं को अब भी औसत (एवरेज) बिल भेजे जा रहे हैं। पडेगांव के एक उपभोक्ता को बिजली का उपयोग शून्य होने के बावजूद पिछले एक वर्ष से औसत बिल भेजा जा रहा है, जिससे महावितरण के सटीक बिलिंग के दावों पर सवाल उठ रहे हैं।

महावितरण का कहना था कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को सटीक बिल मिलेगा और बिजली की खपत की पूरी जानकारी पॉइंट-टू-पॉइंट उपलब्ध होगी। लेकिन पडेगांव के सप्तशृंगीनगर निवासी विठ्ठल दरेकर को जून 2025 से लगातार औसत (एवरेज) बिल जारी किया जा रहा है।

हैरानी की बात यह है कि पिछले पांच महीनों से उनके घर में बिजली का कोई उपयोग नहीं हुआ, फिर भी उन्हें लगातार औसत बिल भेजा जा रहा है। बिल में सुधार कराने के लिए वह कई बार छावनी स्थित महावितरण कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें हर बार “पहले बिल भरिए, फिर देखेंगे” कहकर टाल दिया जाता है। इससे उनकी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।

कई उपभोक्ता परेशान

महावितरण भले ही स्मार्ट मीटर को लेकर शिकायतें नहीं होने का दावा करता हो, लेकिन लगभग हर सब-स्टेशन पर विभिन्न समस्याओं को लेकर उपभोक्ता पहुंच रहे हैं। स्मार्ट मीटर लगने के बाद भी लोगों को बार-बार महावितरण कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

करीब 200 यूनिट मासिक बिजली उपयोग करने वाले कई उपभोक्ताओं को एक ही महीने का 700 से 3000 यूनिट या उससे अधिक का बिल भेजा गया है। वहीं कुछ उपभोक्ताओं के मीटर की रीडिंग तक दिखाई नहीं देती, लेकिन उनके बिल नियमित रूप से जारी हो रहे हैं। बढ़ती शिकायतों से उपभोक्ता परेशान हैं और उन्हें अपने अन्य काम छोड़कर महावितरण कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

अधिकारियों के तय जवाब

वर्षों से सीमित बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को अचानक अधिक बिल मिलने पर जब वे पूछताछ के लिए कार्यालय पहुंचते हैं, तो अधिकारियों की ओर से उन्हें यही जवाब दिया जाता है कि “आपकी बिजली खपत बढ़ी होगी, इसलिए बिल ज्यादा आया है, बिल सही है।” वहीं कुछ लोगों से आवेदन देने के बाद बिल में सुधार का आश्वासन दिया जाता है।

इन लगातार बढ़ती शिकायतों के बीच उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर से सटीक बिलिंग और परेशानी कम होने का जो दावा किया गया था, वह फिलहाल धरातल पर सफल होता नजर नहीं आ रहा है।

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