जालना के अनैतिक मानव तस्करी निरोधक प्रकोष्ठ को मिला स्वतंत्र ‘पुलिस निरीक्षक’ का पद; सोमनाथ शिंदे ने संभाला कार्यभार

जालना | कादरी हुसैन
जिले में महिलाओं और बच्चों की तस्करी, बाल मजदूरी तथा अनैतिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से कार्यरत अनैतिक मानव तस्करी निरोधक प्रकोष्ठ (Anti-Human Trafficking Unit – AHTU) को अब और अधिक सशक्त बनाया गया है।
मंगलवार, 28 जुलाई को दोपहर दो बजे प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार के नए निर्णय के तहत जालना जिले के इस प्रकोष्ठ के लिए स्वतंत्र पुलिस निरीक्षक (Police Inspector) स्तर का पद स्वीकृत किया गया है। इस पद का कार्यभार सोमनाथ शिंदे को सौंपा गया है, जो इससे पहले वाशिम में कार्यरत थे।

अनैतिक मानव तस्करी निरोधक प्रकोष्ठ को अब स्वतंत्र पुलिस निरीक्षक का पद मिलने से इसकी कार्यप्रणाली में उल्लेखनीय तेजी आने की उम्मीद है।
अब तक इस प्रकोष्ठ को पूर्णकालिक वरिष्ठ अधिकारी उपलब्ध न होने के कारण अपराधों की जांच तथा अन्य राज्यों में जाकर की जाने वाली कार्रवाई में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब राज्यभर के ऐसे प्रकोष्ठों को सशक्त बनाने की प्रक्रिया के तहत जालना के लिए भी पुलिस निरीक्षक का नया पद स्वीकृत किया गया है।
मानव तस्करी और अनैतिक गतिविधियों की जड़ों तक पहुंचकर उन पर प्रभावी कार्रवाई करने की जिम्मेदारी अब पुलिस निरीक्षक स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में होगी। इससे जांच अधिक तेज, प्रभावी और परिणामकारी होने की संभावना है। साथ ही अन्य राज्यों एवं जिलों की पुलिस के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर बड़े गिरोहों का पर्दाफाश करना भी अब अधिक आसान होगा।
बाल मजदूरी, महिला तस्करी और अनैतिक गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई के संकेत
इस निर्णय से जालना जिले में मानव तस्करी और अन्य अनैतिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में पुलिस प्रशासन को बड़ी मजबूती मिलेगी। नागरिकों ने भी इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।