NEET आंदोलन के बाद अभिजीत दीपके का बड़ा ऐलान, 2029 तक लेंगे राजनीतिक रुख

औरंगाबाद | खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर चलाया गया अभिजीत दीपके का आंदोलन समाप्त हो गया है। इस आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पृष्ठभूमि में दीपके अपने औरंगाबाद स्थित घर लौट आए हैं। फिलहाल उनकी तबीयत खराब बताई जा रही है और वे उपचार ले रहे हैं।
एक समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में अभिजीत दीपके ने आंदोलन के भविष्य और अपनी राजनीतिक भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि आंदोलन भले समाप्त हो गया हो, लेकिन आगे भी जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाई जाएगी।
दीपके ने कहा कि राजनीति से दूर रहना संभव नहीं है, क्योंकि आम आदमी के जीवन से जुड़े अधिकांश फैसले सरकार और राजनीति से प्रभावित होते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी टीम ने धर्मेंद्र प्रधान के मुद्दे पर राजनीतिक रुख अपनाया था और अब वर्ष 2029 तक भी आवश्यक मुद्दों पर राजनीतिक स्टैंड लेने का निर्णय किया है।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका राजनीतिक रुख किसी सरकार के समर्थन या किसी विपक्षी दल के विरोध में नहीं होगा। उनका उद्देश्य लोकतंत्र को मजबूत करना और जनहित के मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही तय करना रहेगा।
उन्होंने कहा कि चुनाव के समय उनकी टीम विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय रखेगी, लेकिन किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में मतदान करने की अपील नहीं करेगी। दीपके ने कहा कि नई पीढ़ी (Gen Z) समझदार है और वह स्वयं तय कर सकती है कि किसे वोट देना है। सरकार यदि गलत निर्णय लेगी तो उसका विरोध किया जाएगा, लेकिन मतदाताओं को किसे वोट देना चाहिए, यह फैसला जनता पर ही छोड़ा जाएगा।
