58 लाख कुणबी रिकॉर्ड के दस्तावेज को लेकर मनोज जरांगे की सरकार को कड़ी चेतावनी

औरंगाबाद • खासदार टाईम्स वृत्तसेवा
पिछले एक वर्ष से राज्य सरकार से 58 लाख कुणबी रिकॉर्ड के दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। हालांकि, सरकार इन रिकॉर्ड की संख्या कम करने के प्रयास में है। ऐसा होने पर सरकार को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे, ऐसी कड़ी चेतावनी मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे ने दी। शहर के गैलेक्सी अस्पताल से सोमवार को डिस्चार्ज मिलने के बाद अंतरवाली सराटी के लिए रवाना होते समय उन्होंने मीडिया से बातचीत की।
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर 29 अगस्त को होने वाले आंदोलन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जरांगे ने कहा कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा, लेकिन देश में इससे पहले कभी नहीं हुआ हो, इतनी ताकत के साथ आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने इसे आरक्षण की लड़ाई की अंतिम लड़ाई बताते हुए राज्य के कोने-कोने से मराठा समाज के लोगों से अंतरवाली सराटी में एकत्रित होने का आह्वान किया।
डॉक्टरों ने जरांगे को आराम करने की सलाह दी है। इसके बावजूद उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन की तैयारियों के लिए 20 अगस्त से वे मराठवाड़ा और विदर्भ का दौरा करेंगे।
विभिन्न समाजों में सरकार के खिलाफ नाराजगी
जरांगे ने आरोप लगाया कि मराठा समाज को कुणबी प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया को जानबूझकर रोका जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि दलित, मुस्लिम, धनगर और माइक्रो ओबीसी समाज में भी सरकार के खिलाफ तीव्र नाराजगी है और 29 अगस्त को इस नाराजगी का असर देखने को मिलेगा।
इस बीच, उन्होंने पेण में छत्रपति संभाजी महाराज की प्रतिमा को तत्काल हटाने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि ऐसा नहीं किया गया तो राज्य में बड़ा आक्रोश देखने को मिलेगा।
