जालना: मोती तालाब में आत्महत्या का प्रयास कर रही महिला को चंदनझिरा पुलिस ने बचाया

जालना | कादरी हुसैन
पति के साथ हुए विवाद के बाद भावनात्मक रूप से परेशान एक महिला ने 24 अगस्त 2026 को जालना के मोती तालाब में आत्महत्या करने का प्रयास किया। हालांकि, चंदनझिरा पुलिस ने समय रहते घटनास्थल पर पहुंचकर सूझबूझ, संयम और संवेदनशील संवाद के माध्यम से महिला को आत्महत्या करने से रोकते हुए उसकी जान बचा ली।
महिला के मोती तालाब परिसर में आत्महत्या करने के उद्देश्य से जाने की जानकारी मिलते ही चंदनझिरा पुलिस थाने के पुलिस निरीक्षक किरण बिडवे ने पुलिस टीम को मोतीबाग क्षेत्र में भेजा। पुलिस टीम बिना किसी देरी के घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने महिला पर किसी प्रकार का दबाव या जल्दबाजी न करते हुए शांतिपूर्वक उससे बातचीत की। उसकी भावनाओं को समझते हुए संवेदनशीलता और कुशल संवाद के माध्यम से उसके मन में चल रहे नकारात्मक विचारों को दूर करने का प्रयास किया गया।
पुलिस की समझाइश का महिला पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा और उसने आत्महत्या का विचार छोड़ दिया। इसके बाद पुलिस ने महिला को सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर उसके परिजनों से संपर्क किया तथा उसे सकुशल परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
कुछ दिन पहले छत्रपति संभाजीनगर में आईफोन की मांग को लेकर एक युवक द्वारा पहाड़ी पर जाकर आत्महत्या करने और इसके बाद उसके माता-पिता की भी पहाड़ी से गिरकर हुई दुर्भाग्यपूर्ण मौत की घटना ताजा है। ऐसे समय में चंदनझिरा पुलिस ने सूझबूझ, संवेदनशीलता और संवाद कौशल का परिचय देते हुए एक महिला की अनमोल जान बचाई है।
इस कार्रवाई में चंदनझिरा पुलिस थाने के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा दिखाई गई तत्परता, संयम, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण की सर्वत्र सराहना की जा रही है।
“क्षणिक गुस्से, दुख या निराशा में लिया गया निर्णय पूरी जिंदगी बदल सकता है; लेकिन सही समय पर मिला सहारा और संवाद किसी का जीवन बचा सकता है।” इस घटना से यह महत्वपूर्ण संदेश सामने आया है।
यह कार्रवाई जालना के पुलिस अधीक्षक श्री तेगबीर सिंह संधू, अपर पुलिस अधीक्षक श्री विक्रम साळी तथा उपविभागीय पुलिस अधिकारी श्री अनंत कुलकर्णी के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में चंदनझिरा पुलिस थाने के पुलिस निरीक्षक किरण बिडवे, पुलिस उपनिरीक्षक दिगंबर पवार, मारियो स्कॉट, सैयद हुसैन, सहायक फौजदार मनसुब वेताळ, पुलिस हेड कांस्टेबल शिवाजी जमधडे, महिला पुलिस हेड कांस्टेबल रेश्मा गुरुम तथा जया जैस्वाल के दल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
