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महिला को 11 दिन तक बंधक बनाकर 7 दरिंदों ने बनाया अपनी हवस का शिकार, कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुआ मामला

अलवर: राजस्थान के अलवर जिले में एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। एक महिला को बोलेरो गाड़ी में अगवा करके 11 दिन तक बंधक बनाए रखा गया और सात लोगों ने बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) किया। जब महिला ने विरोध किया तो उसके मुंह में कपड़ा ठूंसकर उसे बेहोशी की हालत में सड़क पर फेंक दिया गया।

3 महीने बाद मिली न्याय की उम्मीद
घटना करीब 3 महीने पुरानी है, लेकिन पीड़िता को न्याय नहीं मिल पाया है। 25 अप्रैल 2025 की रात करीब 9 बजे, जब महिला शौच के लिए घर से बाहर गई थी, तभी बोलेरो गाड़ी में सवार सात आरोपियों ने उसे अगवा कर लिया। उसे जबरन गाड़ी में डालकर पनियाला रोड के पास ले जाया गया, जहां सभी आरोपियों ने उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया।

वीडियो बनाकर धमकाया, बेहोश कर सड़क पर फेंका
पीड़िता ने बताया कि जब उसने चिल्लाने की कोशिश की तो आरोपियों ने उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। 11 दिन तक उसे बंधक बनाकर रखा गया और लगातार यातनाएं दी गईं। इस दौरान आरोपियों ने उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी भी दी। अंत में, उसे बेहोशी की हालत में सड़क किनारे छोड़कर आरोपी फरार हो गए।

पुलिस ने नहीं दर्ज की थी एफआईआर, कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज
घटना के बाद पीड़िता के परिवार ने बगड़ तिराया थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों के प्रभाव के चलते पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। आखिरकार परिवार को कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा, जिसके बाद 2 जून को मामला दर्ज हुआ।

अब तक नहीं हुई कोई गिरफ्तारी, एसपी ने दिया आश्वासन
मामले की जांच रामगढ़ के डीएसपी सुनील कुमार शर्मा को सौंपी गई है, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। इसके बाद पीड़िता अपने परिवार के साथ अलवर एसपी संजीव नैन से मिली, जिन्होंने जल्द कार्रवाई और गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।

सवाल: क्यों देरी हो रही है न्याय में?
– क्या आरोपियों के प्रभाव के चलते पुलिस कार्रवाई से बच रही है?
– 3 महीने बाद भी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?
– क्या पीड़िता को सुरक्षा और न्याय मिल पाएगा?

यह मामला एक बार फिर राजस्थान में महिला सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह है कि प्रशासन कितनी तेजी से आरोपियों को सजा दिलाने में सफल होता है।

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