कांवड़ियों को फूल, नमाजियों पर एफआईआर? AIMIM नेता शौकत अली बोले – “देश किसी के बाप की जागीर नहीं, दोहरा कानून नहीं चलेगा”

उत्तर प्रदेश AIMIM अध्यक्ष शौकत अली ने कांवड़ियों को लेकर एक बार फिर विवादों की आग भड़का दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब मुसलमान भीड़ के कारण सड़क पर नमाज़ पढ़ते हैं तो उन पर एफआईआर दर्ज होती है, लेकिन कांवड़ यात्रा के दौरान हिंसा, हंगामे और तोड़फोड़ करने वाले लोगों पर सरकार फूल बरसाती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा – “देश किसी के बाप की जागीर नहीं है।”
शौकत अली यहीं नहीं रुके, उन्होंने सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया और कहा, “राष्ट्रीय राजमार्ग बंद किए जा रहे हैं, आम लोगों की जिंदगी अस्त-व्यस्त हो गई है, लेकिन सरकार सिर्फ एक पक्ष को तवज्जो दे रही है।”
इससे पहले भी शौकत अली ने कांवड़ियों को “आतंकवादी” तक कह दिया था और मांग की थी कि ऐसे उत्पात मचाने वालों को सीधा जेल भेजा जाए। उन्होंने कहा, “योगी आदित्यनाथ अनुशासन की मिसाल हिंदू समाज को बताते हैं, लेकिन जिन कांवड़ियों से उत्पात मचता है, वे ही हिंदू समाज को बदनाम कर रहे हैं।”
अली ने सवाल उठाया – “क्या भारत में कानून सबके लिए बराबर नहीं है? क्या सिर्फ एक धर्म के लोगों को ही सड़कों पर धार्मिक स्वतंत्रता है? अगर कोई मुसलमान सड़क पर नमाज पढ़ लेता है तो हंगामा, लेकिन कांवड़ियों को खुली छूट?”
उन्होंने साफ शब्दों में कहा – “ये देश जितना नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ का है, उतना ही शौकत अली और हर भारतीय नागरिक का भी है। कानून सबके लिए एक होना चाहिए, वरना लोकतंत्र की बुनियाद हिल जाएगी।”
