औरंगाबाद: वक्फ कार्यालय के निर्माण का AIMIM ने किया विरोध, इम्तियाज जलील बोले- आमखास मैदान नहीं छीनने देंगे

औरंगाबाद में वक्फ बोर्ड द्वारा आमखास मैदान पर कार्यालय बनाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता और पूर्व सांसद इम्तियाज जलील गुरुवार को वक्फ कार्यालय स्थल पर पहुंचे और निर्माण कार्य का विरोध किया। उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि शहर में पहले से ही खुले मैदानों की भारी कमी है, ऐसे में आमखास मैदान पर दफ्तर बनाना सरासर गलत है।
जलील ने कहा, “हम किसी भी कीमत पर इस मैदान को बर्बाद नहीं होने देंगे। वक्फ बोर्ड को अपना कार्यालय कहीं और बनाना चाहिए, लेकिन आम जनता के लिए बचे गिने-चुने मैदानों पर कब्जा नहीं चलेगा।”
उन्होंने दावा किया कि यह मैदान आम जनता के लिए खुला स्थान है और इसका इस्तेमाल सामाजिक व खेल गतिविधियों के लिए होता रहा है।
ओवैसी का केंद्र सरकार पर हमला
इससे पहले AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) द्वारा आयोजित ‘बत्ती बंद’ आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने इस कानून को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि इसका मकसद वक्फ संपत्तियों को समाप्त करना है।
ओवैसी ने बताया कि लोग 15 मिनट तक घरों की बत्तियां बंद कर सरकार को संदेश दे रहे हैं कि वे इस कानून का विरोध कर रहे हैं। AIMPLB ने घोषणा की है कि आंदोलन के अगले चरण में मानव शृंखला और गोलमेज सम्मेलन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
नाराजगी बढ़ती जा रही है
आमखास मैदान पर वक्फ कार्यालय बनने को लेकर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है। AIMIM का कहना है कि यह केवल कार्यालय नहीं, बल्कि जनता के हक पर कब्जे की कोशिश है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि अगर निर्माण कार्य नहीं रोका गया तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।
