भारत-पाक में जंग छिड़ी तो अमेरिका-चीन किसका देंगे साथ? दोनों महाशक्तियों ने साफ किया रुख

भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया सैन्य तनाव के बीच यह सवाल उठ रहा था कि यदि दोनों देशों के बीच युद्ध होता है तो वैश्विक शक्तियों का रुख क्या होगा। अब इसका जवाब सामने आ गया है। अमेरिका ने साफ कर दिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई का समर्थन करेगा, वहीं चीन ने पाकिस्तान के समर्थन का ऐलान किया है।
अमेरिका का साफ स्टैंड: भारत को मिलेगा शक्ति और संसाधन का समर्थन
अमेरिका की संसद में निचली सदन के स्पीकर माइक जॉनसन ने कहा है कि अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ भारत के प्रयासों का न केवल समर्थन करेगा, बल्कि ज़रूरत पड़ने पर शक्ति और संसाधन के साथ भारत की मदद भी करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और भारत आतंकवाद के खिलाफ एक साझा मोर्चा बनाकर काम कर रहे हैं।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आपात बैठक बुलाकर भारत पर हमले के आरोप लगाने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिका की इस स्पष्ट टिप्पणी से पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है।
चीन देगा पाकिस्तान का साथ, चीनी राजदूत ने दी पुष्टि
चीन के राजदूत जियांग झाइडोंग ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से मुलाकात कर यह स्पष्ट किया है कि चीन किसी भी संघर्ष की स्थिति में पाकिस्तान का साथ देगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और चीन की दोस्ती हर परिस्थिति में कायम रही है और यह सहयोग आने वाले समय में और गहरा होगा।
चीन के इस रुख से यह साफ हो गया है कि यदि युद्ध जैसी स्थिति बनती है तो एशिया के दो शक्तिशाली देशों के बीच खेमेबंदी हो सकती है।
पहलगाम हमले के बाद बढ़ा तनाव
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 टूरिस्टों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस नरसंहार के बाद पूरे देश में गुस्सा था और भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों को तबाह किया।
इसके बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है। सीमा पर सेना की गतिविधियां तेज हो गई हैं, वहीं भारत के भीतर बड़े पैमाने पर मॉक ड्रिल और हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
क्या युद्ध के मुहाने पर हैं भारत और पाकिस्तान?
भारत की सख्त कार्रवाई और पाकिस्तान की बौखलाहट के बीच अब दोनों देशों के बीच जंग के हालात बनते दिख रहे हैं। अमेरिका और चीन जैसे शक्तिशाली देशों के रुख सामने आने के बाद यह तनाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी गंभीर होता दिख रहा है। आने वाले दिन भारत-पाकिस्तान रिश्तों के लिहाज से बेहद निर्णायक हो सकते हैं।
