Breaking NewsDelhiMumbaiPoliticsUttar Pradesh

ऑपरेशन सिंदूर पर ‘सामना’ का वार: बीजेपी की तिरंगा यात्रा को बताया घिनौना नाटक

‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता पर देशभर में भाजपा द्वारा निकाली जा रही ‘तिरंगा यात्रा’ को लेकर उद्धव ठाकरे गुट ने तीखा हमला बोला है। शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र सामना के संपादकीय में भाजपा पर आरोप लगाया गया है कि वह ऑपरेशन सिंदूर से राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है। संपादकीय में लिखा गया है कि भाजपा नेताओं का यह अभियान एक जटिल और घिनौना नाटक है, जो उन परिवारों के जख्मों पर नमक छिड़क रहा है जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है।

सामना में सवाल किया गया है कि क्या ऑपरेशन सिंदूर वास्तव में पूरा हो गया है? संपादकीय में यह भी कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस युद्ध को कैसे रोक दिया और क्या भारत सरकार ने वास्तव में पाकिस्तान को कोई करारा जवाब दिया?

संपादकीय में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा गया है। लिखा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सबसे पहले निष्क्रिय गृह मंत्री को हटाना चाहिए था। साथ ही, अमित शाह को 12 घंटे बिना कैमरे के केदारनाथ की गुफा में जाकर आत्मनिरीक्षण करना चाहिए था कि क्या ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा।

सामना ने अपने संपादकीय में पांच सवाल खड़े किए हैं:

  • पहलगाम हमला भारतीय क्षेत्र में हुआ। क्या गृह मंत्री को इसकी जिम्मेदारी नहीं लेनी चाहिए?
  • अगर गृह मंत्री ने 26 जवानों की शहादत पर अपनी गलती मानी है तो उन्हें बर्खास्त क्यों नहीं किया गया?
  • पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादियों का कोई पता क्यों नहीं चला?
  • भारत ने 11 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया, लेकिन क्या असली गुनहगारों को सजा मिली?
  • अमित शाह इस जिम्मेदारी से बच कैसे सकते हैं?

संपादकीय में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान में जीत का जश्न मनाया जा रहा है, जबकि भारत के हिस्से में सिर्फ खोखले दावे आए हैं। यह भी पूछा गया कि अगर यह युद्ध पीओके के लिए था तो भारत को वहां से क्या हासिल हुआ?

ट्रंप के बयान को लेकर सामना में कहा गया है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ने युद्ध रोकने का दावा कर भारत की संप्रभुता पर हमला किया है, और केंद्र सरकार ने इस अपमान को चुपचाप स्वीकार कर लिया।

संपादकीय में अंत में कहा गया है कि भाजपा देश को गुमराह कर रही है और सेना की शहादत को राजनीतिक मंच बना रही है, जो निंदनीय है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button