गाजा में इजरायली एयरस्ट्राइक से तबाही, बच्चों समेत 70 की मौत, फ्रांस ने मानवीय मदद रोकने पर नेतन्याहू की कड़ी निंदा

गाजा में इजरायल के एयरस्ट्राइक से भारी तबाही मची है। उत्तरी और दक्षिणी गाजा में हुए हमलों में कम से कम 70 लोग मारे गए हैं, जिनमें लगभग दो दर्जन बच्चे भी शामिल हैं। यह हमला ऐसे वक्त हुआ जब इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा था कि हमास की हार से पहले इजरायल हमले नहीं रोकेगा।
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय और अस्पताल कर्मियों के अनुसार, अकेले जबालिया में 22 बच्चों समेत 50 से अधिक लोगों की जान गई है। ये हमले अमेरिका की मध्यस्थता से एक इजरायली-अमेरिकी बंधक की रिहाई और डोनाल्ड ट्रंप की सऊदी यात्रा के बीच हुए हैं।
सेना की चेतावनी के बावजूद हमले
इजरायली सेना ने भले ही हमलों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया हो, लेकिन मंगलवार देर रात जबालिया के लोगों को क्षेत्र खाली करने की चेतावनी दी गई थी। जबालिया में बचावकर्मी ढही इमारतों के मलबे से शव निकालने में जुटे रहे।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि सेना जल्द ही बड़ी ताकत के साथ गाजा में दाखिल होगी और हमास को खत्म करने का मिशन पूरा करेगी। वहीं गाजा पर इजरायल की नाकेबंदी तीसरे महीने में प्रवेश कर गई है।
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अब तक 52,928 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। हाल ही में खान यूनिस में एक अस्पताल पर हमला हुआ, जिसका लक्ष्य हमास नेता मोहम्मद सिनवार था।
अस्पतालों की हालत बेहद खराब
गाजा में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई हुई हैं। वरिष्ठ अधिकारी डॉ. मारवान अल-हम्स के अनुसार, अस्पतालों की जल आपूर्ति और सीवेज प्रणाली नष्ट हो गई है। सर्जरी रोक दी गई है और एंबुलेंस भी मरीजों तक नहीं पहुंच पा रही हैं।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने नेतन्याहू के कदमों को “अपमानजनक” बताया है और मानवीय सहायता को रोके जाने की कड़ी निंदा की है। उन्होंने गाजा की सीमाएं खोलने की अपील की है ताकि जरूरी दवाएं और सहायता पहुंचाई जा सके।
