वीर अब्दुल हमीद का नाम हटाने पर अखिलेश यादव ने जताई नाराज़गी, कहा- शहीदों का अपमान बर्दाश्त नहीं

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गाजीपुर जिले के धामूपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय से परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद का नाम हटाए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने मंगलवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस कदम को “निंदनीय और अशोभनीय” करार देते हुए कहा कि शहीदों का महत्व न समझने वाले ही ऐसा कर सकते हैं।
स्कूल का नाम बदलकर किया गया पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय
धामूपुर स्थित वीर अब्दुल हमीद विद्यालय की हाल में रंगाई-पुताई के बाद नाम बदलकर पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय कर दिया गया। इस पर अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा, “अब बस यही बाक़ी रह गया है कि देश का नाम भी ‘भारत’ से बदलकर ‘भाजपा’ कर दिया जाए।”
परिवार और कांग्रेस ने भी जताया विरोध
शहीद अब्दुल हमीद के पौत्र जमील अहमद ने भी नाम बदलने का विरोध करते हुए बताया कि विद्यालय के गेट और दीवार से शहीद हमीद का नाम हटा दिया गया है, जबकि यह वही विद्यालय है, जहां अब्दुल हमीद ने शिक्षा प्राप्त की थी।
कांग्रेस के वाराणसी महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने इस कदम को शहीदों का अपमान बताते हुए कहा कि “1965 के भारत-पाक युद्ध में सात पैटन टैंकों को ध्वस्त करने वाले वीर अब्दुल हमीद का नाम हटाना बेहद दुखद है।”
वीर अब्दुल हमीद की शहादत का इतिहास
परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद ने 1965 के भारत-पाक युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए पाकिस्तान के सात पैटन टैंकों को ध्वस्त कर दिया था। उनके बलिदान को आज भी पूरा देश गर्व से याद करता है। ऐसे में विद्यालय से उनका नाम हटाया जाना राजनीतिक और सामाजिक हलकों में गहरी नाराज़गी का विषय बन गया है।
क्या कहता है समाज?
इस घटना ने जनमानस को भी उद्वेलित कर दिया है। सोशल मीडिया पर लोग शहीदों के नाम का सम्मान बनाए रखने की मांग कर रहे हैं। राजनीतिक दलों के साथ आम जनता भी इसे लेकर एकजुट होती दिख रही है।
विवाद के बाद बढ़ा दबाव
अब देखना यह होगा कि सरकार और प्रशासन इस पर क्या कदम उठाते हैं। क्या वीर अब्दुल हमीद के नाम को फिर से विद्यालय से जोड़ा जाएगा या विवाद और गहरा होगा?
