केरल में समय से पहले पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मानसून, महाराष्ट्र में भी जल्द दस्तक के आसार

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने इस साल तय समय से करीब एक सप्ताह पहले ही केरल में जोरदार दस्तक दे दी है। भारतीय मौसम विभाग ने शनिवार, 24 मई को इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि मानसून केरल पहुंच चुका है। 2009 के बाद पहली बार मानसून इतनी जल्दी आया है। आमतौर पर मानसून 1 जून के आसपास केरल पहुंचता है, लेकिन इस बार 23 मई को ही बारिश ने वहां अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी।
मौसम विभाग ने पहले ही अनुमान जताया था कि इस बार मानसून समय से पहले आएगा, और वह सटीक साबित हुआ। अब जब केरल में मानसून ने दस्तक दे दी है, तो देशभर में इसकी आगे की गतिविधियों पर नजर टिकी हुई है। वहीं, पूर्व मानसून और असमय बारिश के कारण पहले से ही लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है। समय से पहले मानसून पहुंचने के कारण प्रशासन को भी अपनी तैयारियाँ तेज करनी होंगी।
महाराष्ट्र में कब पहुंचेगा मानसून?
मुंबई के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की प्रमुख शुभांगी भुते ने बताया कि महाराष्ट्र में भी मानसून जल्द ही पहुंच सकता है। पिछले दो-तीन दिनों से वातावरण में मानसून के अनुकूल परिस्थितियाँ बन रही हैं। रत्नागिरी के पास बने निम्न दाब क्षेत्र का मानसून की गति पर असर पड़ रहा है।
एक ओर बारिश, दूसरी ओर भीषण गर्मी
केरल, कर्नाटक, गोवा और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में अगले सात दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने दी है। दूसरी ओर उत्तर भारत, खासतौर से पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में 26 मई तक लू का प्रकोप बने रहने की संभावना जताई गई है।
राज्य में कहां किस तरह का अलर्ट?
- रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग (कोकण क्षेत्र): रेड अलर्ट जारी, अत्यधिक बारिश की संभावना
- रायगढ़ जिला: ऑरेंज अलर्ट, भारी बारिश की चेतावनी
- कोल्हापुर घाट क्षेत्र: कुछ हिस्सों में मूसलधार बारिश की संभावना
मौसम के इस बदलाव को देखते हुए प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
