करूणा शर्मा की तीखी प्रतिक्रिया: “मुंडे को मंत्री बनाना है तो पहले हमें जहर दे दो”
धनंजय मुंडे को मिली कोर्ट से क्लीनचिट, अजित पवार ने दिए मंत्री पद के संकेत; करूणा शर्मा का तीखा विरोध

एनसीपी अजित पवार गुट के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे को कृषि विभाग के आरोपों से न्यायालय ने पूरी तरह से क्लीनचिट दे दी है। इस फैसले के बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने संकेत दिए हैं कि मुंडे को एक बार फिर मंत्री पद सौंपा जा सकता है। हालांकि, इस पर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
सबसे मुखर विरोध करूणा शर्मा की ओर से सामने आया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि, “आप (अजित पवार) ऐसे व्यक्ति को मंत्री पद देने की बात कर रहे हैं जो केवल स्वार्थ देखता है, न कि जनता का भला।” शर्मा ने मुंडे पर कई गंभीर आरोप दोहराए और कहा कि बीड जिले में उनकी भूमिका को लेकर जनता के मन में कई सवाल हैं।
करूणा शर्मा ने आगे कहा कि, “ज्ञानेश्वरी मुंडे के पति महादेव मुंडे की हत्या, संतोष देशमुख हत्या और अन्य मामलों में धनंजय मुंडे का नाम सामने आ चुका है। ऐसे व्यक्ति को फिर से सत्ता देना जनता के साथ अन्याय है।”
“मेरे पास हैं सबूत” – करूणा शर्मा
करूणा शर्मा ने यह भी दावा किया कि धनंजय मुंडे ने शासन और प्रशासन का दुरुपयोग करते हुए काले कारोबार और अपना निजी साम्राज्य खड़ा किया है। उन्होंने कहा, “अगर उपमुख्यमंत्री चाहें, तो मैं व्यक्तिगत रूप से सबूत पेश कर सकती हूं। मुझे समय दिया जाए, मैं सब कुछ लेकर सामने आऊंगी।”
“सहानुभूति नहीं तो जहर दे दीजिए” – भावुक बयान
इस पूरे मुद्दे पर करूणा शर्मा ने बेहद भावुक होकर कहा, “अगर आपको जनता का दुख दिखाई नहीं देता, तो ज्ञानेश्वरी मुंडे के परिवार को, संतोष देशमुख के परिवार को और मुझे – करूणा शर्मा को – जहर दे दीजिए। मैं बार-बार ऐसे लोगों को सत्ता में लाया जाना सहन नहीं करूंगी।”
इस पूरे घटनाक्रम के बाद बीड जिले की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। अब देखना यह है कि अजित पवार अपने फैसले पर अडिग रहते हैं या जनता और विरोधियों की भावनाओं का सम्मान करते हैं।
