सोलापुर में डीजे की धुन पर नाचते हुए युवक की हार्ट अटैक से मौत, शहर में शोक की लहर

सोलापुर से एक बेहद चौंकाने वाली और दुखद घटना सामने आई है। रविवार को मिरवणूक (झांकी) के दौरान डीजे की तेज धुन पर नाचते हुए एक 28 वर्षीय युवक की हार्ट अटैक से मौत हो गई। मृतक की पहचान अभिषेक बिराजदार के रूप में हुई है। यह घटना सोलापुर शहर के फौजदार चावडी थाना क्षेत्र की है, जहां पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार, अभिषेक बिराजदार मिरवणूक में डीजे की ताल पर नाच रहा था। नृत्य के बाद वह एक दुकान के पास बैठ गया, तभी उसकी छाती में तेज दर्द शुरू हो गया। तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से बिराजदार परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।
सोलापुर शहर को ‘मिरवणूक’ यानी जुलूसों के लिए जाना जाता है। यहां साल भर में करीब 200 दिन मिरवणूक निकाली जाती है। इन जुलूसों में डीजे का इस्तेमाल बहुत आम है। विशेषज्ञों के अनुसार, डीजे के तेज़ शोर यानी 40 डेसिबल से अधिक ध्वनि हृदय के लिए खतरनाक हो सकती है। इससे हार्ट अटैक, लकवा (पैरालिसिस) और बहरेपन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सिद्धार्थ गांधी ने बताया कि डीजे की तेज़ आवाज से शरीर में तनाव बढ़ता है, जिससे हृदय रोग होने की संभावना रहती है। हाल के वर्षों में कई नागरिकों को डीजे के कारण सुनने की क्षमता में कमी और हृदय संबंधी बीमारियों का सामना करना पड़ा है।
इस घटना के बाद अब सोलापुर में मिरवणूक कार्यक्रमों में डीजे के इस्तेमाल को लेकर बहस छिड़ गई है। नागरिकों और सामाजिक संगठनों की ओर से यह मांग उठ रही है कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में डीजे की ध्वनि सीमा को नियंत्रित किया जाए, ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाएं दोबारा न हो।
प्रमुख बिंदु:
- मृतक युवक: अभिषेक बिराजदार (28)
- स्थान: फौजदार चावडी, सोलापुर
- कारण: डीजे की तेज़ ध्वनि में नाचने के बाद हार्ट अटैक
- पुलिस: आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज
- डॉक्टरों की चेतावनी: 40 डेसिबल से अधिक ध्वनि हृदय के लिए खतरनाक
क्या डीजे की धुन पर झूमना अब ज़िंदगी पर भारी पड़ने लगा है? यह सवाल अब सोलापुर ही नहीं, पूरे महाराष्ट्र के सामने खड़ा हो गया है।
