GB रोड का काला सच: नाबालिग लड़कियों को जबरन सेक्स ट्रेड में झोंका जाता है, ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन से बढ़ाई जाती हैं बॉडी
Writer: Feroz Aashiq

सरकार महिला सशक्तिकरण की बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन दिल्ली के जीबी रोड जैसे रेड-लाइट एरिया की सच्चाई सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल एक पॉडकास्ट में सामाजिक कार्यकर्ता अतुल शर्मा ने जीबी रोड की भयावह हकीकत उजागर की है, जिसे जानकर कोई भी व्यक्ति स्तब्ध रह जाएगा।
नाबालिग लड़कियों को जबरन धकेला जाता है इस धंधे में
अतुल शर्मा ने बताया कि कई लड़कियों को रंजिश के चलते उठाकर सेक्स ट्रेड में धकेल दिया जाता है। उन्हें खिड़कियों पर इस तरह खड़ा किया जाता है कि सिर्फ उनका चेहरा और छाती दिखे, ताकि ग्राहकों को लुभाया जा सके। सबसे भयावह बात यह है कि नाबालिग लड़कियों को जवान दिखाने के लिए ऑक्सीटोसिन (Oxytocin) इंजेक्शन दिए जाते हैं, जिससे उनके शरीर के अंग तेजी से विकसित होते हैं।
एक दिन में 15-20 ग्राहकों के साथ जबरन संबंध
इन लड़कियों को एक दिन में 15 से 20 ग्राहकों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जाता है। कई बार उन्हें ऐसे ग्राहकों के हवाले कर दिया जाता है, जिनकी शक्ल देखकर ही घृणा होती है। अतुल शर्मा के मुताबिक, “कुछ ग्राहक इतने घिनौने होते हैं कि कोई उनका छुआ पानी भी नहीं पीएगा, लेकिन इन मासूम लड़कियों को उनके साथ रहना पड़ता है।”
गर्भवती होने तक कंडोम की अनुमति नहीं
एक और चौंकाने वाला खुलासा यह है कि लड़कियों को गर्भवती होने तक कंडोम इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी जाती, क्योंकि इससे मालकिनों की कमाई कम होती है। जब लड़की गर्भवती हो जाती है, तो उसका बच्चा जन्म के बाद छीन लिया जाता है। अपने ही बच्चे से मिलने के लिए उन्हें हर बार 200 रुपये चुकाने पड़ते हैं।
गंदगी के बीच जीवन: थूक, कंडोम और पेशाब के बीच खाना
अतुल शर्मा ने बताया कि जीबी रोड पर सेक्स वर्कर्स को इतनी गंदगी के बीच खाना खाना पड़ता है कि वहां लोग थूकते हैं, कंडोम फेंकते हैं और यहां तक कि पेशाब भी कर देते हैं। यह जीवन इतना भयानक है कि कई लड़कियों ने इसी वजह से आत्महत्या तक कर ली है।
सोशल मीडिया पर उठे सवाल, यूजर्स का गुस्सा
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर यूजर्स ने सरकार और प्रशासन को घेरते हुए सवाल उठाए हैं:
-“सरकार जीबी रोड जैसे रेड-लाइट एरिया को क्यों नहीं बंद करवा पा रही?”
– “यह सुनकर कानों से खून निकलने लगता है, क्या कोई इन लड़कियों को बचाएगा?”
– “अधिकतर लड़कियां नेपाल और बांग्लादेश से तस्करी कर लाई जाती हैं, इसे कैसे रोका जाए?”
30 साल से सेक्स वर्कर्स के अधिकारों के लिए लड़ रही हैं अतुल शर्मा
अतुल शर्मा पिछले 30 साल से सेक्स वर्कर्स के अधिकारों और उनके उद्धार के लिए काम कर रही हैं। उन्होंने कई लड़कियों को इस अंधेरे से बाहर निकाला है, लेकिन अभी भी हजारों की जिंदगी अंधकार में डूबी हुई है।
क्या सरकार और समाज इस सच्चाई को अनदेखा करता रहेगा?
जीबी रोड की यह काली सच्चाई सिर्फ एक इलाके तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में ऐसे कई गुलामी के अड्डे हैं। सवाल यह है कि क्या सरकार और समाज इस मुद्दे पर गंभीरता से काम करेगा या फिर इन मासूम लड़कियों की चीखें अनसुनी रह जाएंगी?
(यह खबर True Talk पॉडकास्ट और सोशल वर्कर अतुल शर्मा के इंटरव्यू पर आधारित है।)
