औरंगाबाद में AIMIM में खुली बगावत, इम्तियाज जलील पर टिकट बेचने के गंभीर आरोप

औरंगाबाद/प्रतिनिधि
औरंगाबाद शहर में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) पार्टी के भीतर भारी उथल-पुथल देखने को मिली है। पार्टी के ही पूर्व नगरसेवकों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष इम्तियाज जलील पर 15 से 20 लाख रुपये लेकर महानगरपालिका चुनाव के टिकट बेचने का गंभीर आरोप लगाया है। इन आरोपों के बाद शहर की राजनीति में हलचल मच गई है।
आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर इम्तियाज जलील के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन के दौरान बीच सड़क पर इम्तियाज जलील के फोटो को पैरों तले रौंदते हुए तोड़ दिया गया। पूरे इलाके में “इम्तियाज जलील हटाओ – MIM बचाओ” के नारे गूंजते रहे।
पूर्व नगरसेवकों और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि महानगरपालिका चुनाव में कई अनुभवी और पुराने नेताओं के टिकट काटकर नए चेहरों को मौका दिया गया, जिससे संगठन में भारी नाराजगी फैल गई। इसी फैसले के विरोध में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे।
प्रदर्शन में नासेर सिद्दीकी, आरेफ हुसैनी के साथ-साथ रफत यार खान, शेख अहमद, अबुल आला हाश्मी सहित कई पूर्व नगरसेवक और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि टिकटों के वितरण में जिला और शहर की कोर कमेटियों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया।
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पूरे राज्य में अकेले ही इंटरव्यू लेकर टिकटों का बंटवारा किया गया और सभी फैसले व्यक्तिगत स्तर पर लिए गए। इससे पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं में भारी रोष है। उनका कहना है कि पार्टी अब एक संगठन न रहकर “वन मैन शो” बनती जा रही है।
नाराज कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि जिन लोगों ने इम्तियाज जलील को विधायक और सांसद बनाने में अहम भूमिका निभाई, उन्हीं पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को आज “गद्दार” कहा जा रहा है। इसी अपमान से आहत होकर पार्टी के भीतर खुला विरोध सामने आया है।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि 2014 के विधानसभा और 2019 के लोकसभा चुनाव में उनकी मेहनत से इम्तियाज जलील को सफलता मिली थी, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में हार और विधानसभा चुनाव में बेहद कम अंतर से पराजय के बाद वे अपने ही समर्थकों पर आरोप लगाने लगे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद AIMIM में बड़ी टूट की आशंका जताई जा रही है। पूर्व नगरसेवक, वरिष्ठ नेता और जमीनी कार्यकर्ता खुलकर नेतृत्व के खिलाफ आ चुके हैं। शहर में लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शन यह संकेत दे रहे हैं कि पार्टी गंभीर आंतरिक संकट से गुजर रही है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि इन आरोपों पर इम्तियाज जलील की क्या प्रतिक्रिया सामने आती है और क्या AIMIM इस आंतरिक कलह से उबर पाएगी या संकट और गहराएगा।
