पुणे में ब्लैकमेलिंग गैंग का भंडाफोड़: बुधवार पेठ में जाते लोगों का वीडियो बनाकर करते थे पीछा, फिर करते थे पैसे की मांग

पुणे – शहर के कुख्यात बुधवार पेठ क्षेत्र में वेश्यागमन के लिए जाने वाले लोगों को निशाना बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करने वाले एक गिरोह का पुणे पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो लोगों का पीछा कर उनके वीडियो बनाकर उन्हें बदनाम करने की धमकी देकर पैसे वसूलते थे। यह मामला नांदेड सिटी पुलिस स्टेशन की सीमा में सामने आया है।
क्या है मामला?
एक पीड़ित ने बताया कि जब वे बुधवार पेठ गए थे, तभी से आरोपी उनका पीछा करते हुए उनके घर तक पहुंच गए। वहां आरोपियों ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि “तुमने हमसे ऑनलाइन 20 हजार रुपये लिए थे, लेकिन अब पैसे नहीं दे रहे हो।” इसी बहाने उन्होंने ब्लैकमेल करना शुरू किया और कहा कि अगर पैसे नहीं दिए तो तुम्हारे बुधवार पेठ जाने की बात सबको बता देंगे और तुम्हारी बदनामी कर देंगे।
आरोपियों ने धमकाते हुए कहा – “हमें अभी 20 हजार रुपये दो, नहीं तो तुम्हारा वीडियो वायरल कर देंगे। बदनामी से अच्छा है कि चुपचाप पैसे दे दो।” यही नहीं, आरोपियों ने पुलिस हेल्पलाइन 112 पर कॉल कर यह झूठी शिकायत भी दी कि पीड़ित ने उनसे 20 हजार रुपये लेकर धोखाधड़ी की है।
कैसे हुआ खुलासा?
जब पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की, तो सच्चाई सामने आई कि आरोपी खुद ही इस तरह से लोगों को झूठे आरोप में फंसाकर उनसे पैसे ऐंठते हैं। इसके बाद नांदेड सिटी पुलिस ने दोनों आरोपियों – आयुष राजू चौगुले और सदफ पठान – को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों की कार्यप्रणाली क्या थी?
यह गिरोह बुधवार पेठ में आने वाले लोगों की गुपचुप तरीके से वीडियो बनाता था। जैसे ही कोई व्यक्ति वहां से बाहर निकलता, आरोपी उसका पीछा करके घर तक जाते और फिर वीडियो दिखाकर धमकी देते कि वे यह सब सार्वजनिक कर देंगे। बदनामी के डर से कई लोग पैसे दे देते थे। यह उनका सुनियोजित ब्लैकमेलिंग का धंधा था।
पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि इस गिरोह के और कौन-कौन सदस्य हैं और कितने लोगों को उन्होंने इस तरीके से ब्लैकमेल किया है।
