“करोड़ों का रोड बना… फिर तोड़ दिया!” जालना में मनपा की बड़ी लापरवाही, 2 महीने से पानी को तरसे लोग

जालना | कादरी हुसैन
जालना शहर के चंदनझीरा क्षेत्र में महानगरपालिका की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर हाल ही में बनाया गया कंक्रीट रोड अब दोबारा तोड़ा जा रहा है, जिससे नागरिकों में भारी आक्रोश फैल गया है। लोग सीधे सवाल पूछ रहे हैं — “क्या मनपा अधिकारियों का कोई प्लान है भी या नहीं?”
मौलाना आज़ाद चौक से एकता चौक के बीच बने इस नए रोड को जलापूर्ति पाइपलाइन डालने के लिए फिर से खोदा जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि पाइपलाइन का काम सड़क निर्माण से पहले होना चाहिए था, लेकिन बिना योजना के पहले रोड बना दिया गया और अब उसे तोड़कर दोबारा काम किया जा रहा है। इससे करोड़ों रुपये की बर्बादी का आरोप लग रहा है।
🚰 2 महीने से पानी गायब, लोग बेहाल
चंदनझीरा की 7 से 8 गलियों में पिछले दो महीनों से जलापूर्ति पूरी तरह ठप है। भीषण गर्मी में लोगों को पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। महिलाओं और बुजुर्गों को रोजाना पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

⚠️ गंदा पानी, स्वास्थ्य पर खतरा
पाइपलाइन कार्य के दौरान नालों और गंदे पानी के पीने के पानी में मिलने की शिकायतें सामने आई हैं। कई घरों में नलों से बदबूदार और दूषित पानी आ रहा है, यहां तक कि शौचालय का पानी मिलने जैसी गंभीर शिकायतों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
🏗️ अधूरा काम, दोहरी मार
सड़क निर्माण के दौरान कई नागरिकों के घरों के हिस्से तोड़े गए, लेकिन काम अधूरा छोड़ दिया गया। अंडरग्राउंड नालियां और पाइपलाइन पूरी किए बिना ही रोड बना दिया गया, जिसके कारण अब वही सड़क दोबारा तोड़ी जा रही है।
😡 सभाओं में भी उठी आवाज, फिर भी नहीं जागा प्रशासन
महानगरपालिका की बैठकों में भी जल संकट और गंदगी के मुद्दे उठ चुके हैं, लेकिन जल विभाग अब भी निष्क्रिय नजर आ रहा है। नागरिकों का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही और मनमानी के कारण ही यह स्थिति बनी है।
❗ अब जनप्रतिनिधियों से उम्मीद
शहर में अब महापौर, उपमहापौर और विभिन्न समितियां गठित हो चुकी हैं। ऐसे में नागरिकों को उम्मीद है कि जनप्रतिनिधि हस्तक्षेप कर इस अव्यवस्था पर लगाम लगाएंगे। साथ ही विधायक और सांसद से भी तुरंत कार्रवाई की मांग की जा रही है।
⚡ आंदोलन की चेतावनी
यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो नागरिकों ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। जालना में बढ़ते असंतोष ने प्रशासन के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है।
