महिला के केबिन में प्रवेश करते ही झूमर की लाइट बंद, कर्मचारियों के लिए ‘नो एंट्री’ का कोडवर्ड—खरात के चौंकाने वाले कारनामे उजागर

नाशिक | विशेष रिपोर्ट
नाशिक में खुद को ‘कैप्टन’ बताकर भोंदूगिरी करने वाले अशोक खरात के काले कारनामों का जैसे-जैसे पर्दाफाश हो रहा है, वैसे-वैसे उसके अपराधों की परतें खुलती जा रही हैं। जांच में सामने आया है कि खरात ने लोगों को फंसाने, महिलाओं का शोषण करने और आर्थिक ठगी करने के लिए एक सुनियोजित “पंचसूत्री मॉडल” तैयार किया था, जिसके जरिए वह भरोसा जीतकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था।
🔹 जन्मतिथि के बहाने विश्वास जीतने का खेल
अशोक खरात अपने पास आने वाले लोगों से जन्मतिथि पूछकर उनके जीवन से जुड़े तथ्यों का अंदाजा लगाता और फिर उसे “अचूक भविष्यवाणी” के रूप में पेश करता। इस तरीके से वह खुद को असाधारण बुद्धिमान और रहस्यमयी व्यक्ति साबित कर लोगों का विश्वास हासिल करता था।
🔹 पति-पत्नी में फूट डालकर महिलाओं को बनाता था शिकार
खरात की सबसे खतरनाक चाल थी दंपतियों के बीच दरार पैदा करना। वह पति-पत्नी को सामने बैठाकर कहता कि उन्हें सिर्फ एक ही संतान होगी और इसके लिए पति जिम्मेदार है। इससे दोनों के बीच तनाव बढ़ता और इसी स्थिति का फायदा उठाकर वह महिला की सहानुभूति हासिल करता।
यदि किसी दंपति के दो बच्चे होते, तो वह पूरे परिवार के सामने यह दावा करता कि उनमें से एक बच्चा पति का नहीं है। इस तरह के झूठे आरोपों से कई परिवार टूट गए और कई मामलों में तलाक तक हो गया। इसके बाद वह महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर उनका शारीरिक शोषण करता था।
🔹 लड़कियों के जरिए अधिकारी और उद्योगपतियों को ब्लैकमेल
जांच में यह भी सामने आया है कि खरात प्रभावशाली अधिकारियों और उद्योगपतियों को फंसाने के लिए युवतियों का इस्तेमाल करता था। वह अंकशास्त्र और भविष्यवाणी का सहारा लेकर उनके संबंध बनवाता, फिर उन्हीं लड़कियों को उकसाकर शिकायत दर्ज करवाता और उसका वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग करता था।
🔹 भोंदूगिरी के नाम पर जमीन का खेल
खरात लोगों को यह विश्वास दिलाता था कि उनकी तरक्की उनके घर या स्थान से जुड़ी है। वह अंकशास्त्र के नाम पर उन्हें नई जगह खरीदने या घर बदलने की सलाह देता और जो जमीन सुझाता, वह अक्सर उसकी खुद की होती थी। इस तरह वह लोगों से लाखों-करोड़ों की ठगी करता था।
🔹 बड़े अधिकारियों से संपर्क दिखाकर बनाता था दबदबा
खरात अपने पास आने वाले व्यक्ति की हैसियत देखकर तुरंत उसी क्षेत्र के बड़े अधिकारियों या नेताओं को फोन लगाता था। पुलिस अधिकारी आने पर वह सीधे एडीजी या आईजी स्तर के अधिकारियों से बात करता, जबकि जनप्रतिनिधियों के सामने मंत्रियों से बातचीत कर अपनी पहुंच का प्रभाव दिखाता था।
🔹 गुप्त संकेतों से चलता था अंदर का खेल
सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि खरात ने अपने कार्यालय में गुप्त संकेत प्रणाली बना रखी थी। जिस कमरे में वह महिलाओं को ले जाता था, वहां बाहर लगे झूमर की लाइट बंद कर देता था। इसका मतलब होता था कि अंदर कोई भी प्रवेश न करे। इसी दौरान वह कथित भविष्यवाणी के बहाने महिलाओं का शोषण करता था।
🔴 निष्कर्ष
अशोक खरात का यह पूरा नेटवर्क केवल अंधविश्वास नहीं बल्कि एक संगठित अपराध का रूप ले चुका था, जिसमें मानसिक शोषण, आर्थिक ठगी और यौन उत्पीड़न जैसी गंभीर घटनाएं शामिल हैं। पुलिस जांच के आगे बढ़ने के साथ ही इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
