लोणार तालुका में अवैध गुटखे का बढ़ता प्रभाव – प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
प्रतिनिधि – फिरदोस खान पठान

लोणार: महाराष्ट्र भर में जहां खाद्य एवं औषधि प्रशासन की ओर से अवैध गुटखे की बिक्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, वहीं बुलढाणा जिले के लोणार तालुका और शहर इस मुहिम से पूरी तरह अछूते नजर आ रहे हैं। यहां खुलेआम गुटखे की बिक्री जारी है, और इसके दुष्परिणाम सीधे तौर पर युवा पीढ़ी पर देखे जा रहे हैं।
यहां तक कि 18 वर्ष से कम उम्र के किशोर भी बड़ी संख्या में गुटखे और उससे संबंधित पदार्थों की लत का शिकार हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या को रोकने के लिए प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
जनता में यह चर्चा भी तेज है कि कुछ स्थानीय प्रभावशाली लोग – जिन्हें “आक्का” और “बोक्या” जैसे उपनामों से जाना जाता है – इस अवैध कारोबार को परोक्ष रूप से संरक्षण दे रहे हैं। इसी कारण से कार्रवाई में देरी हो रही है।
बीते कुछ महीनों में आसपास के तालुकों में गुटखा विरोधी छापे मारे गए हैं, लेकिन लोणार में अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई है। यह प्रशासन की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
नागरिकों में नाराज़गी और भ्रम की स्थिति बनी हुई है। लोग सवाल पूछ रहे हैं – “क्या प्रशासन जानबूझकर मूकदर्शक बना हुआ है?” अगर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या भविष्य में और भी गंभीर रूप ले सकती है।
समाज की सजगता और प्रशासन की ज़िम्मेदारी साथ आए, तभी युवा पीढ़ी को इस ज़हरीली आदत से बचाया जा सकता है।
