भारत-पाकिस्तान तनाव चरम पर, ‘पानी’ बना युद्ध की वजह; पाकिस्तान संसद ने भारत के कदम को बताया ‘एक्ट ऑफ वार’

नई दिल्ली/इस्लामाबाद: भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और अब यह जंग के मुहाने पर खड़ा नजर आ रहा है। पाकिस्तान की संसद में एक प्रस्ताव पास हुआ है, जिसमें भारत द्वारा झेलम और चिनाब नदियों का पानी रोकने की निंदा की गई है। प्रस्ताव में भारत के इस कदम को सीधे तौर पर ‘युद्ध की कार्रवाई’ यानी Act of War बताया गया है।
यह प्रस्ताव ऐसे वक्त आया है जब भारत ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सख्त रुख अपनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद कह चुके हैं कि हमले के दोषियों को उनकी कल्पना से भी ज्यादा कठोर सजा दी जाएगी। इसके बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान की ओर बहने वाले पानी को रोकने के लिए बड़े कदम उठाए हैं।
सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा असर
खबरों के मुताबिक, सैटेलाइट तस्वीरों में देखा गया है कि पाकिस्तान के सियालकोट में झेलम नदी लगभग सूख चुकी है। इससे पाकिस्तान की कृषि व्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है और भविष्य में खाद्य संकट की आशंका भी जताई जा रही है। भारत का यह कदम पाकिस्तान के लिए एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
UNSC ने संयम की दी सलाह
तनाव के इस माहौल में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की बैठक भी बुलाई गई, जहां महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने पहलगाम हमले की निंदा करते हुए कहा कि नागरिकों को निशाना बनाना अस्वीकार्य है और दोषियों को न्याय दिलाना जरूरी है। हालांकि, भारत के पानी रोकने के फैसले पर किसी भी देश ने खुलकर आलोचना नहीं की।
गुटेरेस ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा, “अब समय है पीछे हटने का, न कि आगे बढ़ने का।”
पाकिस्तान की चेतावनी, भारत का जवाब
पाकिस्तान के संसद प्रस्ताव के जरिए भारत को चेतावनी दी गई है कि अगर पानी रोका गया तो इसे युद्ध की शुरुआत माना जाएगा। लेकिन भारत के तेवर बिल्कुल अलग हैं। भारत ने न केवल पाकिस्तान की धमकियों को नजरअंदाज किया है, बल्कि पानी की आपूर्ति को रोकने की दिशा में काम भी तेज कर दिया है।
यह स्थिति बताती है कि दोनों देशों के बीच सिर्फ कूटनीतिक तनाव नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर एक गहरी टकराव की संभावना बढ़ती जा रही है। अब दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या आने वाले दिनों में ये तनाव किसी बड़े सैन्य संघर्ष में तब्दील होगा।
