वक्फ बोर्ड में 1200 करोड़ रुपये का जमीन घोटाला, राजनीतिक घमासान शुरू

औरंगाबाद: महाराष्ट्र राज्य वक्फ बोर्ड पर पुणे जिले के हवेली तालुका के बाणेर स्थित एक मस्जिद की 1200 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन के सौदे में भारी घोटाले का आरोप लगा है। आरोप है कि 18 एकड़ 14 गुंठा जमीन वर्ष 2005 में एक संस्था को मात्र 9 करोड़ रुपये में बेचने की अनुमति दी गई थी। जिसमें से 7 करोड़ रुपये की राशि 2009 तक वक्फ बोर्ड को जमा करनी थी, लेकिन राशि न मिलने के कारण यह सौदा रद्द कर दिया गया था।
हालांकि, हैरानी की बात यह है कि 16 साल बाद, वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सय्यद जुनेद ने 27 मई 2025 को जारी पत्र में उक्त सौदे को वैध घोषित कर दिया और जमीन का हस्तांतरण करने की सिफारिश कर दी।
वक्फ बोर्ड की इस कार्रवाई से राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। एमआईएम के प्रदेशाध्यक्ष और औरंगाबाद के सांसद इम्तियाज जलील ने इस मामले की सीबीआई और अन्य एजेंसियों से जांच की मांग की है।
सूत्रों के अनुसार, जमीन का सौदा ‘पैनासिया हिल को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी’ के नाम किया गया था, और 2009 में दस्तावेजों की विधिवत रजिस्ट्री भी सह-उप निबंधक कार्यालय में की गई थी। वक्फ बोर्ड के दस्तावेजों के अनुसार, जमीन इनाम वर्ग-3 के तहत आती है, लेकिन सौदे को वैध घोषित करने के बाद इसे भोगवटादार वर्ग-1 के अंतर्गत दर्ज करने की सिफारिश की गई है।
इस संदिग्ध फैसले से बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सय्यद जुनेद पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जब मीडिया ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने इस मामले को वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग का गंभीर उदाहरण बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
