‘खालिद का शिवाजी’ फिल्म पर बढ़ा विवाद: हिंदुत्व संगठनों का विरोध तेज, महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र को लिखा पत्र

मुंबई : मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज पर आधारित फिल्म ‘खालिद का शिवाजी’ का ट्रेलर सामने आने के बाद विवाद गहराता जा रहा है। ट्रेलर में शिवाजी महाराज को लेकर किए गए कुछ दावों को “इतिहास विरुद्ध” बताया जा रहा है, जिससे शिवप्रेमी और हिंदुत्ववादी संगठनों में भारी रोष है। इस मामले में अब महाराष्ट्र सरकार ने सीधे केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।
क्या है विवाद?
फिल्म के ट्रेलर में यह दावा किया गया है कि “शिवाजी महाराज की सेना में 35% मुस्लिम सैनिक थे” और “रायगढ़ किले पर मस्जिद थी।” इन बिंदुओं पर सवाल उठाते हुए हिंदू महासंघ और अन्य संगठनों ने फिल्म पर रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे तथ्य ऐतिहासिक प्रमाणों से परे हैं और लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
सरकार का हस्तक्षेप
महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्यमंत्री आशिष शेलार ने फिल्म को मिले सर्टिफिकेट की पुनर्समीक्षा के निर्देश सेंसर बोर्ड को दिए हैं। वहीं राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को एक औपचारिक पत्र भेजा है, जिसमें फिल्म के प्रदर्शन को “तात्कालिक रूप से रोके जाने” की सिफारिश की गई है।
मंत्रालय की सिफारिश
राज्य सांस्कृतिक विभाग के सचिव डॉ. किरण कुलकर्णी ने केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव संजय जाजू को पत्र लिखकर स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया है। पत्र में यह भी उल्लेख है कि अगर फिल्म का प्रदर्शन निर्धारित तिथि – 8 अगस्त 2025 – को होता है, तो राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है।
प्रदर्शन के दौरान भी विरोध
कुछ दिन पहले महाराष्ट्र राज्य पुरस्कार समारोह के दौरान भी इस फिल्म के खिलाफ प्रदर्शन हुए थे। सरकार को आशंका है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और भड़क सकता है, इसलिए स्थिति को संभालने के लिए केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की गई है।
अब सबकी निगाहें केंद्र सरकार पर टिकी हैं कि वह इस विवादास्पद फिल्म पर क्या निर्णय लेती है।