“मुझे मराठी नहीं आती जा मेरे नाम की शिकायत कर दे” मनसे कार्यकर्ताओं और RPF जवानों की बीच छिड़ी बहस

ठाणे: पिछले कुछ महीनों से मराठी भाषा को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। मुंबई और महाराष्ट्र में मराठी लोगों के साथ भेदभाव और अपमानजनक व्यवहार की घटनाएं सामने आ रही हैं। विशेष रूप से मराठी में संवाद करने से इनकार करने और गैर-मराठी अधिकारियों व व्यक्तियों द्वारा अड़ियल रवैया अपनाने की शिकायतें बढ़ी हैं। ऐसी ही एक घटना उल्हासनगर रेलवे स्टेशन पर सामने आई है, जहां मराठी भाषा को लेकर मनसे कार्यकर्ताओं, प्रवासियों और आरपीएफ जवानों के बीच तीखी बहस हुई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
क्या है पूरा मामला?
मनसे ने आरोप लगाया कि उल्हासनगर रेलवे स्टेशन पर बाहरी राज्यों के नागरिकों के लिए टोकन सिस्टम शुरू किया गया है। इस पर सवाल उठाने के लिए मनसे जिला अध्यक्ष सचिन कदम स्टेशन पहुंचे। इस दौरान एक आरपीएफ जवान ने हिंदी में बातचीत शुरू की। कदम ने कहा, “मराठी में बोलें,” लेकिन जवान ने मराठी नहीं जानने की बात अड़ियल स्वर में कही।
इसके बाद कदम ने डीआरएम से शिकायत करने की बात कही, जिस पर जवान ने चुनौती देते हुए कहा, “जाइए, मेरी शिकायत कर दीजिए।”
मनसे का आरोप
मनसे के अनुसार, उल्हासनगर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ के जवान राजू चौहान और संजय तूपलोंढे मराठी के प्रति विरोधी रवैया अपनाते हैं। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि आरक्षण काउंटर पर दलालों का कब्जा है।
प्रशासन से मांग
मनसे ने प्रशासन से इस मामले की गंभीरता से जांच करने और उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
