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राज्यमंत्री माधुरी मिसाल और मंत्री संजय शिरसाट के बीच टकराव, ‘मर्यादा में रहो’ पर सियासी गर्मी

मुंबई: महाराष्ट्र की महायुती सरकार में अब अंदरूनी कलह खुलकर सामने आने लगी है। सामाजिक न्याय विभाग को लेकर बीजेपी की राज्यमंत्री माधुरी मिसाल और शिवसेना शिंदे गुट के मंत्री संजय शिरसाट आमने-सामने आ गए हैं। दोनों के बीच विभागीय अधिकारों को लेकर तकरार इस हद तक बढ़ गई है कि अब अप्रत्यक्ष रूप से एक-दूसरे को चेतावनी भरे पत्र लिखे जा रहे हैं।

मामला उस वक्त गरमाया जब माधुरी मिसाल ने संजय शिरसाट को विश्वास में लिए बिना एक बैठक आयोजित की। इस पर नाराज शिरसाट ने उन्हें पत्र लिखकर कहा कि “अपनी मर्यादा में रहिए” और आगे से इस तरह की कोई भी बैठक उनकी अनुमति से ही आयोजित की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन विषयों का प्रभार उनके पास है, उन पर बैठक वही अध्यक्षता में होनी चाहिए।

इसके जवाब में राज्यमंत्री मिसाल ने भी एक पत्र लिखते हुए अपना पक्ष रखा। उन्होंने साफ कहा कि विभागीय समीक्षा बैठकें करने का उन्हें अधिकार है और इसके लिए उन्हें किसी की पूर्व अनुमति की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 150 दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत उन्हें संबंधित विभागों की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है और वे आगे भी यह करती रहेंगी।

गौरतलब है कि 11 मार्च 2025 को जारी शासन आदेश में सामाजिक न्याय विभाग से जुड़े विषयों का बंटवारा संजय शिरसाट और माधुरी मिसाल के बीच किया गया था। इसी आदेश का हवाला देते हुए दोनों मंत्री अपने-अपने अधिकारों की व्याख्या कर रहे हैं।

मिसाल ने मुख्यमंत्री कार्यालय को भी पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने शिरसाट का पत्र संलग्न किया है और इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से निर्देश मांगे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे इस टकराव को कैसे सुलझाते हैं। महायुती सरकार के भीतर यह सत्ता संघर्ष आने वाले समय में और भी विवाद खड़ा कर सकता है।

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