हिंदू रक्षा दल ने औरंगज़ेब समझकर बहादुर शाह ज़फ़र की तस्वीर पर पोती कालिख, RPF ने दर्ज किया केस

गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश): देशभर में औरंगज़ेब को लेकर जारी विवाद के बीच गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर लगी बहादुर शाह ज़फ़र की तस्वीर को औरंगज़ेब समझकर हिंदू रक्षा दल से जुड़े लोगों ने कालिख पोत दी। अब इस मामले में रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) की ओर से मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
घटना के दौरान स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई, जब करीब एक दर्जन लोग झंडा और कालिख लिए प्लेटफॉर्म पर पहुंचे और दीवार पर लगी तस्वीर को निशाना बनाकर उस पर कालिख पोत दी। आरोपियों का दावा था कि वह तस्वीर औरंगज़ेब की है।
पिंकी चौधरी का विवादित बयान
हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी ने कहा, “हिंदुस्तान में औरंगज़ेब की तस्वीर और उसकी कब्र का कोई स्थान नहीं है। औरंगज़ेब एक राक्षस था, जिसने मंदिर तोड़े और अपनों की हत्या की। अगर फिर कभी मुगल आ गए तो क्या होगा, इसका अंदाज़ा कोई नहीं लगा सकता।”
रेलवे का बयान – तस्वीर थी बहादुर शाह ज़फ़र की
इस मामले पर डीआरएम दिल्ली, पुष्वेश रमन त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि जिस तस्वीर पर कालिख पोती गई वह औरंगज़ेब की नहीं, बल्कि बहादुर शाह ज़फ़र की थी, जो 1857 की आज़ादी की लड़ाई के नायक रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस कृत्य को लेकर अब कानूनी कार्रवाई की जा रही है और दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज की जा रही है।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि इतिहास को बिना समझे किसी भी शख्सियत को निशाना बनाना कितना खतरनाक और गलत हो सकता है। साथ ही यह भी कि समाज में जिम्मेदारी और जानकारी के साथ किसी भी विचार का विरोध कैसे किया जाना चाहिए।
