2006 ट्रेन धमाके पर सुप्रीम कोर्ट की रोक का अजित पवार ने किया स्वागत, कहा – ‘इंसाफ होना चाहिए, पक्षपात नहीं’

मुंबई: 2006 में मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाए जाने के बाद राज्य के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता अजित पवार ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस केस में कुछ बेगुनाह लोग भी फंसे थे, लेकिन जो दोषी हैं उन्हें सजा जरूर मिलनी चाहिए।
गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में अजित पवार ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ज्यादा टिप्पणी करना ठीक नहीं होगा। यह एक न्यायिक प्रक्रिया है। लेकिन इतना जरूर कहना चाहूंगा कि इस केस में कुछ बेगुनाह लोग भी फंस गए थे।”
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने का निर्णय पहले ही ले लिया था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मुद्दे पर अपनी भूमिका स्पष्ट की है।
“सरकार सुप्रीम कोर्ट में अच्छे वकील नियुक्त करेगी और हाईकोर्ट की सुनवाई में जो कमियां रह गईं, उन्हें सुधारेगी।” अजित पवार ने आगे कहा, “हमारा मत साफ है – किसी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए, लेकिन जो भी दोषी है, वह कानून से बच नहीं पाए।”
अजित पवार ने यह भी कहा कि सरकार किसी के खिलाफ नहीं है और न ही किसी का पक्ष ले रही है। न्याय की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए ताकि निर्दोषों को राहत मिले और दोषियों को सजा।
इस बयान से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में पूरे तथ्यों और सबूतों के साथ मजबूत पैरवी करेगी और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि न्याय के साथ कोई समझौता न हो।
