मुंबई में मराठा आंदोलन पर हाईकोर्ट का कड़ा रुख, कोर कमेटी को नोटिस, आज़ाद मैदान खाली करने के आदेश

मुंबई हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद मराठा आरक्षण कोर कमेटी को मुंबई पुलिस ने नोटिस जारी किया है। 1 सितंबर को आंदोलन करने के लिए दी गई अनुमति की शर्तों और उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेशों का उल्लंघन होने के कारण आंदोलन की मंजूरी रद्द कर दी गई है। साथ ही, आंदोलनकारियों को आज़ाद मैदान खाली करने के आदेश भी दिए गए हैं। यह नोटिस आज़ाद मैदान पुलिस की ओर से जारी की गई है।
हाईकोर्ट ने सोमवार को कड़ी नाराज़गी जताते हुए कहा था कि मराठा समाज को आंदोलन का अधिकार है, लेकिन मुंबई को ठप्प करने और लोगों को परेशानी में डालने का अधिकार किसी को नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि तीन दिनों से बिना अनुमति चल रहे आंदोलन से मुंबईकरों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इसलिए मंगलवार दोपहर तक मुंबई की सभी सड़कें, फुटपाथ, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड खाली कर साफ किए जाने के निर्देश दिए गए।
इसी दौरान, अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि गणेशोत्सव की पृष्ठभूमि पर आंदोलन को खारघर में अनुमति देने के स्पष्ट निर्देश के बावजूद सरकार ने उसका पालन क्यों नहीं किया। अदालत ने राज्य सरकार की भूमिका पर भी प्रश्न उठाया।
इस बीच, मुंबई पुलिस ने कोर कमेटी के सदस्यों—किशोर मरकट, पांडुरंग तारक, शैलेश मरकट, सुदाम मुकणे, बालासाहेब इंगले, अमोल लहाणे, श्रीराम कुरणकर और संजय कटारे—के नाम पर नोटिस जारी की है। नोटिस में कहा गया है कि आंदोलनकारियों ने 11 शर्तों का उल्लंघन किया है, जिसके चलते 1 सितंबर को दिया गया उनका आवेदन रद्द कर दिया गया है और तुरंत आज़ाद मैदान खाली करने के आदेश दिए गए हैं।
