जालना शहर में 10 किमी मॉडल कॉरिडोर विकसित होगा — सड़कों और चौकों के प्रायोगिक विकास की बड़ी योजना, जिलाधिकारी आशिमा मित्तल का बयान

जालना/कादरी हुसैन
जालना शहर की प्रमुख सड़कों और चौकों को आधुनिक रूप देने के लिए जिला प्रशासन ने एक महत्वाकांक्षी प्रायोगिक योजना तैयार की है। इस परियोजना का उद्देश्य शहर की आधारभूत संरचना, ट्रैफिक व्यवस्था और समग्र शहरी सौंदर्य को एक नए स्तर पर ले जाना है। जिलाधिकारी आशिमा मित्तल ने बताया कि महापालिका और विभिन्न उद्योगों के सीएसआर फंड के सहयोग से शहर का विकास मॉडल स्वरूप में किया जाएगा।
प्रमुख घोषणा — 10 किमी का आधुनिक कॉरिडोर
जिलाधिकारी मित्तल ने बताया कि छत्रपति संभाजीनगर चौफुली से छत्रपति शिवाजी महाराज चौक, वहाँ से मोतीबाग और पुनः संभाजीनगर चौफुली तक लगभग 10 किलोमीटर क्षेत्र को मॉडल कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस पूरे मार्ग पर चौकों का नया डिज़ाइन, सड़क विस्तार, सौंदर्यीकरण, बेहतर लाईटिंग, पैदल-पथ और संकेत व्यवस्था की विशेष योजना तैयार की जा रही है।
महापालिका व सीएसआर फंड से संयुक्त विकास
जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित बैठक में महापालिका की उपायुक्त विद्या गायकवाड, ‘जालना फर्स्ट’ के प्रतिनिधि और विभिन्न उद्योग समूह उपस्थित रहे।
सभी संस्थानों ने सीएसआर फंड के माध्यम से सड़क व चौक विकास में सहयोग देने की सहमति जताई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह परियोजना प्रायोगिक स्वरूप में शुरू की जा रही है और इसके सफल होने पर शहर के अन्य क्षेत्रों में भी इसी मॉडल को लागू किया जाएगा।
10 वर्षों तक रखरखाव की जिम्मेदारी
इस परियोजना के तहत विकसित किए गए चौकों और सड़कों की देखभाल और रखरखाव 10 वर्षों तक संबंधित संस्थानों द्वारा किया जाना अनिवार्य होगा।
प्रशासन का मानना है कि इससे विकास स्थायी और टिकाऊ रहेगा।
जालना की नई पहचान बनेगा आधुनिक सड़क नेटवर्क
इस पहल का उद्देश्य शहर को एक सुन्दर, सुव्यवस्थित और आधुनिक स्वरूप देना है। प्रशासन को विश्वास है कि मॉडल कॉरिडोर की सफलता के बाद जालना शहर का समग्र विकास तेज़ गति से आगे बढ़ेगा और शहर की पहचान एक नए रूप में उभरेगी।
