वाराणसी में नाबालिग से कांवड़िए की अश्लील हरकत, FIR नहीं — पीड़िता के परिवार पर बुलडोजर की धमकी

वाराणसी के राजातालाब इलाके में कांवड़ यात्रा के दौरान एक नाबालिग लड़की से कथित रूप से अश्लील हरकत और मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़िता और उसके परिजनों ने आरोप लगाया है कि 28 जुलाई की दोपहर करीब 3 बजे दो युवक, जो कांवड़िए के भेष में थे, दुकान में घुसे और नाबालिग के साथ आपत्तिजनक व्यवहार किया। युवकों में से एक ने लड़की को गंदी भाषा में बात करते हुए पकड़ने की कोशिश की, जिससे घबराकर वह बगल की गली से होते हुए घर की ओर भागी। लेकिन आरोपी कांवड़िया उसका पीछा करते हुए घर तक घुस गया और वहां भी उसे छेड़ने की कोशिश की।
सीसीटीवी फुटेज के बावजूद कार्रवाई नहीं
परिजनों के अनुसार, घटना का पूरा सीसीटीवी फुटेज मौजूद है, लेकिन जब उन्होंने राजातालाब थाने में शिकायत दर्ज करानी चाही तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टा, आरोपी कांवड़िए की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के आधार पर दूसरे समुदाय के 6 लोगों को हिरासत में ले लिया गया, जिनमें पीड़िता के बुजुर्ग दादा भी शामिल हैं।
राजनीति और दबाव की बू — बुलडोजर की धमकी
29 जुलाई की सुबह पीड़िता के घर के बाहर बुलडोजर खड़ा पाया गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने कहा कि यदि परिवार के सदस्य गिरफ्तारी नहीं देंगे तो ‘बुलडोजर कार्रवाई’ की जाएगी। सामाजिक नेताओं और क्षेत्रीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद बुलडोजर हटाया गया, लेकिन डर और दहशत का माहौल कायम रहा।
न्याय के लिए दर-दर भटक रहा परिवार
घटना के बाद पीड़िता का एक भावुक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें वह आरोपियों की गिरफ्तारी और अपने परिवार को न्याय दिलाने की अपील कर रही है। परिजनों ने राज्य महिला आयोग, राष्ट्रीय महिला आयोग, मुख्यमंत्री, आईजी और पुलिस आयुक्त को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस का बयान संदिग्ध
राजातालाब के एसीपी अजय कुमार श्रीवास्तव ने मीडिया को बताया कि नाबालिग की तरफ से कोई लिखित शिकायत नहीं आई है, जांच जारी है। लेकिन परिवार का दावा है कि शिकायत की कई बार कोशिश की गई, जिसे नज़रअंदाज़ किया गया।
इस पूरे प्रकरण ने सवाल खड़ा कर दिया है — क्या कांवड़ यात्रा के नाम पर कुछ तत्व कानून से ऊपर हैं? और क्या पीड़िता की जगह अब भी देश में आरोपी की बात पहले सुनी जाती है?
