राशन दुकानदार और पुरवठा अधिकारियों की मनमानी बर्दाश्त नहीं करेंगे –लक्ष्मणदादा भुतकर
भारतीय दलित पैंथर ने राशन दुकानदारों और भ्रष्ट धान्य वितरण के खिलाफ दिया चेतावनी भरा अल्टीमेटम

औरंगाबाद/प्रतिनिधि
भारतीय दलित पैंथर के अध्यक्ष लक्ष्मणदादा भुतकर ने आज जिल्हाधिकारी औरंगाबाद को अपने संगठन की ओर से गंभीर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि राशन दुकानदार और धान्य वितरण प्रणाली में चल रहे भ्रष्टाचार को वे अब और बर्दाश्त नहीं करेंगे।
भुतकर ने बताया कि जिले में गरीब और जरूरतमंद नागरिकों तक धान्य पहुँच नहीं पा रहा है। इस माह केवल एक प्रकार का धान्य वितरित किया गया और वह भी अत्यंत कम मात्रा में। तांदूळ और गेहूं जैसे अन्य अनाज तो आए ही नहीं। भारतीय दलित पैंथर के उपाध्यक्ष शरीफ लाला और अन्य पदाधिकारियों के साथ जिला के कई राशन दुकानों का निरीक्षण करने पर लाभार्थियों से यही शिकायत मिली कि उन्हें पर्याप्त धान्य नहीं मिल रहा।

भुतकर ने कहा कि जिल्हा प्रशासन और पुरवठा अधिकारी इस मामले में दुकानदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, क्योंकि यह भ्रष्टाचार की जटिल साख़ली सरकार से लेकर दुकानदारों तक कायम है। दुकानदारों की ओर से जो भी विरोध करेगा, उस पर धमकी और खंडणी का मामला दर्ज करने की बातें कही जा रही हैं।
अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन ने इस मामले पर ध्यान नहीं दिया, तो भारतीय दलित पैंथर अपनी स्टाइल में सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा। उनका यह भी कहना था कि राशन दुकानों का संचालन भी पाच वर्ष के लिए सीमित होना चाहिए और फिर अगले पांच वर्ष के लिए अन्य पात्र व्यक्ति या संस्था को सौंपा जाए। इससे मनमानी और हफ्तेदारी पर रोक लगेगी और लाभार्थियों तक नियमानुसार धान्य पहुँच सकेगा।
इस अवसर पर जिल्हाध्यक्ष धम्मपाल दांडगे, शरीफ लाला, अमोल भुतकर, संजय सरोदे, अहमद पठाण, शेख मोहसीन, दशरथ कांबळे, राजानंद नवतुरे, भिमराव जी. गाडेकर सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने जिल्हाधिकारी कार्यालय में घोषणाबाजी की और लिखित निवेदन सौंपा। निवेदन में कहा गया कि यदि प्रशासन ने दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से तीव्र प्रदर्शन, धरना और आंदोलन करेगा।
यह कार्रवाई जिले में धान्य वितरण में भ्रष्टाचार के खिलाफ भारतीय दलित पैंथर की पहली आक्रामक पहल मानी जा रही है।
