प्राकृतिक अनुदान घोटाला: बीड से एक और आरोपी गिरफ्तार, 9 दिन की पुलिस कस्टडी मंजूर – अब तक सात गिरफ्तारियाँ पूरी

जालना/कादरी हुसैन
जालना जिले के अंबड और घनसावंगी तालुकों में प्राकृतिक आपदा के दौरान किसानों को घोषित सरकारी अनुदान में हुए बड़े घोटाले की जांच में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) जालना ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। बीड जिले से एक और आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिससे अब तक कुल सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
यह घोटाला उस समय उजागर हुआ जब अनुदान वितरण की प्रक्रिया में कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों ने ऐसे नाम सूची में शामिल किए जिनके नाम पर जमीन ही नहीं थी। सरकारी अनुदान की रकम इन फर्जी नामों के माध्यम से निकाली गई और बाद में वास्तविक किसानों से राशि वसूल करने का गंभीर मामला सामने आया।
जांच के लिए तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया कि अंबड और घनसावंगी तालुकों के 240 गांवों में कुल ₹24.90 करोड़ से अधिक की सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया।
इस आधार पर अंबड पुलिस स्टेशन में गुन्हा क्रमांक 453/2025 अंतर्गत धारा 316(4), 316(5), 318(4), 324(5), 336(3), 338, 340(2), 339, 238, 3(5) BNS तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 52 व 53 के तहत मामला दर्ज है।
अब तक गिरफ्तार आरोपियों में सुशीलकुमार जाधव (बुलढाणा), शिवाजी ढालके (तलाठी, अंबड), साहेबराव तुपे, मनोज उघड़े, कल्याणसिंह बमनात (तलाठी, अंबड), और रामेश्वर बारहाते (महसूल सेवक) शामिल हैं।
नवीनतम कार्रवाई में सातवां आरोपी बाळू लिंबाजी सानप, निवासी नंदनवन कॉलोनी, बीड, को आर्थिक अपराध शाखा जालना की टीम ने तकनीकी विश्लेषण और गुप्त सूचना के आधार पर शिवाजीनगर पुलिस, बीड की मदद से उसके घर से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ न्यायालय ने उसे 9 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड (PCR) पर भेजने का आदेश दिया।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अजयकुमार बन्सल, अपर पुलिस अधीक्षक आयुष नोपाणी, तथा प्रभारी पुलिस उप-अधीक्षक सिद्धार्थ माने के मार्गदर्शन में की गई।
ऑपरेशन में पोलीस निरीक्षक मिथुन घुगे तथा टीम के पुलिस कर्मियों गोकुलसिंह कायटे, समाधान तेलंग्रे, किरण चव्हाण, अंबादास साबळे, गजानन भोसले, सागर बावीस्कर, दत्ता वाघुंडे, विष्णु कोरडे, ज्ञानेश्वर खुने, रविंद्र गायकवाड, शुभम तळेकर, श्रेयस वाघमारे, महिला अमलदार जयश्री निकम, नीमा घनघाव, मंदा नाटकर आदि ने विशेष भूमिका निभाई।
आर्थिक अपराध शाखा अब शेष फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। जांच अधिकारी ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।
