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उच्च न्यायालय में अपील न कराने के लिए 30,000 रुपये की रिश्वत मांगने वाला सहा सरकारी वकील ACB के जाल में, जालना ACB ने औरंगाबाद में रंगेहाथ पकड़ा

जालना/कादरी हुसैन

लाचलुचपत प्रतिबंधक विभाग (ACB) जालना ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायालय, औरंगाबाद के सहा सरकारी वकील शरद बंसी बांगर (उम्र 43) को रिश्वत मांगने के मामले में रंगेहाथ पकड़ा है। बांगर पर आरोप है कि उन्होंने एक मामले में उच्च न्यायालय में अपील दाख़िल न करने के बदले तक्रारदार से 30,000 रुपये की मांग की थी।

मामले की पृष्ठभूमि

तक्रारदार पर जवाहरनगर थाना, औरंगाबाद में 2022 में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 7 के तहत केस दर्ज था। 19 नवंबर 2024 को अदालत ने तक्रारदार को सभी आरोपों से बरी कर दिया था।

निर्दोष साबित होने के बाद, सहा सरकारी वकील शरद बंसी बांगर ने तक्रारदार को धमकाते हुए कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करेंगे और अपील न करने के बदले 2,00,000 रुपये की रिश्वत की मांग की। तक्रारदार से पहले ही 1,50,000 रुपये बांगर ले चुका था, जबकि शेष 50,000 रुपये बाद में देने की बात तय की गई थी।

इसके बाद भी बांगर ने तक्रारदार पर दबाव बनाना जारी रखा। अपने सहायक अभिमान करपे के मोबाइल से लगातार फोन कर वह रिश्वत की बाकी रकम की मांग कर रहा था।

तक्रारदार पहुंचा ACB के पास

भ्रष्टाचार की मांग से त्रस्त होकर तक्रारदार ने 15 अक्टूबर 2025 को ACB जालना में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
17 नवंबर 2025 को पंचों की उपस्थिति में सत्यापन प्रक्रिया की गई। सत्यापन में बांगर ने बचे हुए 50,000 में से 30,000 रुपये लेने की सहमति दी।

18–19 नवंबर: सापळा और गिरफ्तारी

18 नवंबर को जाल बिछाया गया। तक्रारदार रिश्वत की रकम लेकर बांगर से मिले, लेकिन बांगर ने रकम सीधे हाथ में लेने से बचते हुए संदिग्ध व्यवहार किया और कहा —
“आप अपने वकील से मिलें।”

तक्रारदार ने तुरंत ACB को इसकी जानकारी दी।

19 नवंबर को ACB की टीम ने बांगर के सत्र न्यायालय स्थित कार्यालय में पहुंचकर उसे हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक Redmi मोबाइल फोन बरामद किया गया। उनके आवास की तलाशी भी जारी है।

मामला दर्ज, जांच जारी

बांगर के खिलाफ वेदांतनगर पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार से संबंधित मामला दर्ज किया गया है। ACB की टीम इस पूरे प्रकरण की आगे जांच कर रही है।

कार्रवाई का नेतृत्व

  • श्रीमती माधुरी केदार कांगणे, पुलिस अधीक्षक, ACB औरंगाबाद
  • श्री शशिकांत सिंगारे, अपर पुलिस अधीक्षक, ACB औरंगाबाद

सापळा एवं जांच टीम

बी.एस. जाधवर (उप-अधीक्षक, जालना – सापळा अधिकारी),
कोमल शिंदे (पुलिस निरीक्षक – जांच अधिकारी),
गजानन घायवट, श्रीनिवास गुडुर, गणेश चेके, गजानन कांबळे, मनोहर भुतेकर, शिवलिंग खुळे, अमोल चेके।

ACB की इस कार्रवाई के बाद न्यायालयीन व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

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