अवैध मानव तस्करी प्रतिबंधक कक्ष की बड़ी सफलता: परतूर से लापता नाबालिग को ढूंढ निकाला, आरोपी युवक सहित दोनों को पुणे से हिरासत में लिया

जालना/कादरी हुसैन
अनैतिक मानव तस्करी प्रतिबंधक कक्ष, जालना ने लंबित मामलों में महत्वपूर्ण सफलता दर्ज की है। परतूर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक नाबालिग लड़की के गुमशुदगी और बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में आरोपी और पीड़िता दोनों का पता लगाकर उन्हें हिरासत में ले लिया गया है। यह मामला वर्ष 2024 से लंबित था और पुलिस को लंबे समय से आरोपी का सुराग नहीं मिल पा रहा था।
मामले की शुरुआत — 30 नवंबर 2024
परतूर में दर्ज शिकायत के अनुसार, रुपजी नगर, तहसील अमळनेर, जिला जळगांव निवासी एक युवक—धर्मा आत्माराम कोली—ने एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर परतूर से अपने साथ ले गया था।
इस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 137(2) के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया था।
लेकिन कई महीनों तक न आरोपी मिल पाया और न ही लड़की का कोई पता चला।
ACB की तरह सतर्क, तकनीकी विश्लेषण ने बदली दिशा
जालना के मा. पुलिस अधीक्षक के आदेशानुसार 18 अगस्त 2025 को यह मामला अनैतिक मानव तस्करी प्रतिबंधक कक्ष को सौंपा गया।
इसके बाद कक्ष की टीम ने:
- तकनीकी विश्लेषण किया
- निगरानी तंत्र सक्रिय किया
- गोपनीय सूत्र तैनात किए
जांच के दौरान महत्वपूर्ण जानकारी मिली कि आरोपी धर्मा कोली और नाबालिग लड़की पुणे जिले के पुरंदर तालुका के झेंडेवाड़ी क्षेत्र में रह रहे हैं।
तुरंत कार्रवाई — आरोपी और पीड़िता दोनों हिरासत में
सूचना की पुष्टि होते ही कक्ष की टीम ने झेंडेवाड़ी में दबिश दी और आरोपी धर्मा कोली व नाबालिग पीड़िता दोनों को सुरक्षित हिरासत में ले लिया।
दोनों को आगे की कानूनी प्रक्रिया हेतु परतूर पुलिस स्टेशन के हवाले किया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में सटीक और सफल कार्रवाई
इस कार्रवाई को निम्न वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में अंजाम दिया गया:
- मा. पुलिस अधीक्षक श्री अजय कुमार बंसल
- अपर पुलिस अधीक्षक श्री आयुष नोपाणी
- उपविभागीय पुलिस अधिकारी (जालना) श्री अनंत कुलकर्णी
- पुलिस निरीक्षक (स्थागुशा) श्री पंकज जाधव
कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम
- प्रभारी अधिकारी पोउपनि गणेश शिंदे
- पोउपनि रविंद्र जोशी
- पोउपनि संजय गवळी
- पोहेकों कृष्णा देठे
- पोहेकों सागर बावीस्कर (स्थागुशा)
- महिला अंमलदार: संगीता चव्हाण, पुष्पा खरटमल, आरती साबळे, रेणुका राठोड
- चालक: पुलिस अंमलदार संजय कुलकर्णी
अनैतिक मानव तस्करी प्रतिबंधक कक्ष की इस तत्पर कार्रवाई से पीड़िता को सुरक्षित लाने के साथ-साथ आरोपी की गिरफ्तारी भी सुनिश्चित हुई है, जो विभाग के प्रभावी और संवेदनशील कार्य का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
