वक्फ संपत्तियों के ‘उम्मीद’ पोर्टल पर पंजीकरण अवधि बढ़ाने की माँग; ख़ालेद कुरैशी ने प्रधानमंत्री को भेजा निवेदन — छह माह अतिरिक्त समय देने की अपील

जालना/कादरी हुसैन
केंद्र सरकार द्वारा वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण के लिए शुरू किए गए ‘उम्मीद’ पोर्टल की अनिवार्य पंजीकरण अंतिम तिथि 5 दिसंबर 2025 नजदीक है। सीमित समय सीमा, तकनीकी जटिलताएँ और जागरूकता के अभाव के कारण देशभर में हजारों वक्फ संपत्तियाँ समय पर पंजीकरण न होने के खतरे का सामना कर रही हैं। इसी गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए ‘जालना एक्सप्रेस’ के मालिक एवं मुख्य संपादक ख़ालेद कुरैशी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को औपचारिक निवेदन भेजकर पंजीकरण अवधि छह माह बढ़ाने की माँग की है।
कुरैशी ने अपने निवेदन में कहा कि अनेक मुतवल्ली पोर्टल की प्रक्रिया से पूरी तरह अवगत नहीं हो पाए हैं। आवश्यक दस्तावेजों की कमी और तकनीकी जानकारी के अभाव के कारण कई संपत्तियों का पंजीकरण समय पर पूरा नहीं हो रहा है। यदि समय सीमा में विस्तार नहीं किया गया तो हजारों संपत्तियों का वक्फ दर्जा समाप्त होने का गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है, जो अनुच्छेद 26 के तहत धार्मिक संस्थाओं को संपत्ति प्रबंधन संबंधी दी गई संवैधानिक स्वतंत्रता का हनन होगा।
निवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि पंजीकरण प्रक्रिया को अनिवार्य बनाए जाने के बावजूद न तो केंद्र सरकार और न ही राज्य वक्फ बोर्डों द्वारा कोई व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। परिणामस्वरूप ग्रामीण क्षेत्रों, अल्पसंख्यक समुदायों और आर्थिक रूप से कमजोर मुतवल्लियों को प्रक्रिया की जानकारी समय रहते नहीं मिल सकी। यह स्थिति अनुच्छेद 14 में दिए गए समानता के अधिकार को भी प्रभावित करती है।
कुरैशी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि सरकार संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप समुदायों को अपना अधिकार सुरक्षित रखने का पर्याप्त अवसर दे। उन्होंने कहा कि छह माह का अतिरिक्त समय न केवल पंजीकरण प्रक्रिया को सुगम बनाएगा, बल्कि अल्पसंख्यक समुदाय के प्रति सरकार की सकारात्मक प्रतिबद्धता को भी और सुदृढ़ करेगा।
