जालना महिला एवं बाल अस्पताल में जन्म प्रमाणपत्र को लेकर मचा हाहाकार; महिला कांग्रेस का तीव्र आंदोलन का इशारा

जालना/कादरी हुसैन
जालना शहर के महिला एवं बाल अस्पताल में नवजात शिशुओं के जन्म प्रमाणपत्र जारी करने में हो रही भारी देरी से मरीजों और परिजनों में गहरा असंतोष निर्माण हुआ है। कई परिवारों को महीनों तक प्रमाणपत्र न मिलने के कारण बार-बार अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
मरीजों के परिजनों का आरोप है कि जन्म प्रमाणपत्र देने के बदले आर्थिक वसूली की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, बावजूद इसके अस्पताल प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसी पृष्ठभूमि में महिला कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि तत्काल प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं कराए गए, तो चरणबद्ध आंदोलन छेड़ा जाएगा।
महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष नंदा पवार ने मीडिया से बातचीत में स्त्री अस्पताल के प्रमुख डॉ. गवारे को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन का अपनी जिम्मेदारियों पर कोई ध्यान नहीं है। गर्भवती महिलाओं और प्रसूति सेवाओं के लिए आने वाली महिलाओं को अव्यवस्थित व्यवस्था, अस्वच्छ वातावरण, पैसे की मांग और कर्मचारियों के रूखे व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि डॉक्टर और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण मरीजों को आवश्यक सेवाएँ समय पर नहीं मिल पा रही हैं। कई शिकायतों के बावजूद सुधार न होना प्रशासन की उदासीनता दिखाता है।
इस दौरान महिला कांग्रेस की पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और अस्पताल में व्याप्त समस्याओं के समाधान के लिए त्वरित कार्रवाई की मांग की।
