औरंगाबाद: नामांतर शहीद गौतम वाघमारे के 31वें स्मृति दिवस पर पैंथर नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

औरंगाबाद/प्रतिनिधि
औरंगाबाद में नामांतर शहीद गौतम वाघमारे के 31वें स्मृति दिवस के अवसर पर pैंथर नेता मा. लक्ष्मण दादा भुतकर ने डॉ. आंबेडकर नगर स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की पूर्णाकृती प्रतिमा पर मेणबत्ती और अगरबत्ती जलाकर पुष्पहार अर्पित किया। इस दौरान शहीद गौतम वाघमारे सहित सभी नामांतर शहीदों को भावपूर्ण अभिवादन किया गया।

सुबह 9 बजे आंबेडकर नगर में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा के सामने गौतम वाघमारे की छायाचित्र स्थापित कर श्रद्धांजलि कार्यक्रम हुआ। इसके बाद 9:30 बजे प्रतिनिधी मंडल नांदेड के लिए रवाना हुआ। इस अवसर पर पैंथर नेता लक्ष्मण दादा भुतकर ने नामांतर आंदोलन की अनेक यादों को ताज़ा किया।
उन्होंने कहा कि 1972 से 1978 तक पैंथर सामाजिक आंदोलन ने अनेक संघर्ष किए। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे महामानव के नाम का संघर्ष पैंथर आंदोलन ने मजबूती से लड़ा। 1978 से 1993 के बीच यह संघर्ष और तीव्र हुआ, जिसमें कई लोगों के घर जलाए गए, परिवारों पर अत्याचार हुए और नामांतर समर्थकों ने अपने प्राणों की आहुति दी।
इस आंदोलन में पोचीराम कांबळे, जनार्दन मेवाडे, सुहासिनी बनसोडे सहित कुल 29 लोगों ने बलिदान दिया। अंततः 1994 में “नामांतर नहीं, नामविस्तार” का निर्णय हुआ, और इस ऐतिहासिक घटना को आज 31 वर्ष पूरे हो रहे हैं।
लक्ष्मण दादा भुतकर ने कहा कि उन शहीदों के त्याग को याद रखना आज की पीढ़ी का कर्तव्य है, क्योंकि अब संविधान भी ख़तरे में है। उन्होंने गौतम वाघमारे सहित सभी शहीदों को नमन किया।
कार्यक्रम में पैंथर नेता मा. लक्ष्मण भुतकर, जिल्हाध्यक्ष धम्मपाल दांडगे, मराठवाड़ा अध्यक्ष दशरथ कांबळे, समाधान कस्तुरे, सचिव एड. सतीश राऊत, एड. सिद्धार्थ गवई, संजय सरोदे, भीमराव गाडेकर, महिला आघाड़ी से पार्वतीबाई घोरपडे, कलावती गवई, सुभद्राबाई कासारे, उत्तम डोंगरे, किसान भिवसाने, पंडित साळवे, शुभम ठेपे, रामदास पगडे, धर्मराज गवई, योगेश जुमडे, मिलिंद निकम, राजकुमार कांबळे सहित अनेक पैंथर कार्यकर्ता उपस्थित थे।
