अंबड तहसीलदार के आदेश के बावजूद 5 आर भूमि का फेर न होने से जमीन मालिक सोहेल चाऊस नाराज़; तलाठी पर लापरवाही और टालमटोल का आरोप, त्वरित कार्रवाई की माँग

जालना/कादरी हुसैन
मौजे मठ तांडा (ता. अंबड) के गट नंबर 49/1 की भूमि क्षेत्र दुरुस्ती को लेकर जारी विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। जमीन के असली मालिक सोहेल अब्दुल्ला चाऊस ने तलाठी पर गंभीर लापरवाही और आदेश का पालन न करने का आरोप लगाते हुए तहसील प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की माँग की है।
जानकारी के अनुसार, तहसीलदार तथा कार्यकारी दंडाधिकारी विजय चव्हाण ने 01 अक्टूबर 2025 को महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए 05 आर अतिरिक्त क्षेत्र को “लेखनिक त्रुटि” माना था। यह जमीन गलत रूप से अर्जदार आनंद अशोकराव चित्राल के नाम महसूल अभिलेख में दर्ज हुई थी, जिसे रद्द कर मूल मालक सोहेल चाऊस के नाम पर पुनः दाखिल करने का आदेश तलाठी सजाकेंद्र दाढेगाव को दिया गया था।
सोहेल चाऊस का कहना है कि उन्होंने यह आदेश 06 नवंबर 2025 को तलाठी सतीश शिंदे को विधिवत सुपुर्द किया तथा आदेश की पोच भी ली गई। इसके बावजूद, कई बार तहसील कार्यालय और तलाठी कार्यालय के चक्कर लगाने के बाद भी 05 आर भूमि का फेर नोंदवही में नहीं किया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, तलाठी जानबूझकर प्रक्रिया को लंबित रख रहे हैं, जिससे वे मानसिक और प्रशासनिक रूप से परेशान हैं।
इस प्रकरण का इतिहास भी महत्वपूर्ण है—
वर्ष 2011 में दस्त क्रमांक 2826 अनुसार 0.80 हेक्टर (80 आर) भूमि का व्यवहार दर्ज था। लेकिन तत्कालीन फेरफार क्रमांक 282 में गलती से 0.85 हेक्टर नोंदवला गया। बाद में जमीन की विक्री 0.80 हेक्टर के आधार पर ही हुई, जिससे 05 आर क्षेत्र अतिरिक्त रूप से अर्जदार चित्राल के नाम पर रह गया। इसे तहसीलदार ने स्पष्ट “Clerical Error” मानते हुए दुरुस्ती का आदेश दिया था।
सोहेल चाऊस ने तहसीलदार कार्यालय से मांग की है कि—
- तलाठी सतीश शिंदे के विरुद्ध टालमटोल और आदेश पालन न करने पर तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।
- 05 आर क्षेत्र का फेर 01/10/2025 के आदेशानुसार तुरंत उनके नाम दाखिल किया जाए।
स्थानीय नागरिकों ने भी महसूल विभाग की धीमी कार्यप्रणाली पर नाराज़गी जताई है। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि तहसील प्रशासन इस गंभीर प्रकरण पर आगे क्या कदम उठाता है।
