कन्नड़ में शोक, समाजसेवी बाबा साहेब आढाव को भावपूर्ण श्रद्धांजलि — गोदाम क्षेत्र रहा बंद

कन्नड़/अशरफ़ अली
कन्नड शहर में आज गहरा शोक का माहौल देखने को मिला, जब प्रसिद्ध समाजसेवी और मज़दूरों तथा मेहनतकश लोगों की मज़बूत आवाज़ कहे जाने वाले बाबा साहेब आढाव के निधन पर सभी वर्गों ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कन्नड़ के पूरे गोदाम क्षेत्र को बंद रखा गया।
बाबा साहेब आढाव ने अपना पूरा जीवन गरीबों, मज़दूरों, किसानों और वंचित समाज के अधिकारों की लड़ाई को समर्पित किया। वे उन लोगों के लिए उम्मीद की किरण थे, जो रोज़मर्रा की मेहनत से अपना जीवन चलाते हैं। सामाजिक न्याय, समान अधिकार और मानवता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने उन्हें समाज का सच्चा प्रहरी बनाया।
उनके निधन की खबर के बाद व्यापारियों, सामाजिक संगठनों, मजदूर संघों और आम नागरिकों ने स्वेच्छा से गोदाम क्षेत्र में बंद का निर्णय लिया। लोगों ने मौन धारण कर, दीप प्रज्वलित कर और उनके योगदान को याद करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
स्थानीय नागरिकों ने कहा कि बाबा साहेब आढाव का जाना समाज सेवा और मज़दूर हितों की लड़ाई के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने हर उस व्यक्ति की आवाज़ बुलंद की, जो समाज में उपेक्षित था।

कन्नड़ में आयोजित श्रद्धांजलि सभाओं में लोगों ने उनके कार्यों को याद करते हुए कहा कि गरीबों और मेहनतकश लोगों के अधिकारों के लिए उनकी संघर्ष यात्रा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी। उनका जीवन संदेश हमेशा लोगों को न्याय, समानता और मानवता के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता रहेगा।
