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‘एग्रीपथ’ चैटबॉट : जालना जिले के किसानों के लिए डिजिटल गवर्नेंस की सशक्त पहल

जालना/कादरी हुसैन

जालना जिले के किसानों को खेत-रास्तों से संबंधित समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के उद्देश्य से जिलाधिकारी आशिमा मित्तल की संकल्पना से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित ‘एग्रीपथ’ व्हाट्सएप चैटबॉट की शुरुआत की गई है। यह अभिनव पहल गुड गवर्नेंस (उत्कृष्ट प्रशासन) और नागरिक-केंद्रित सेवाओं का एक सशक्त उदाहरण मानी जा रही है।

जिले के अनेक किसानों को अपने खेतों तक पहुँचने के लिए रास्ता उपलब्ध न होने या मार्ग अवरुद्ध होने के कारण खेती के दैनिक कार्यों में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। खेत-रास्ते के लिए आवेदन की पारंपरिक प्रक्रिया में किसानों को विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, टाइपिंग सेंटर पर खर्च करना पड़ता था तथा यह पूरी प्रक्रिया समय लेने वाली और जटिल होती थी। इन सभी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने एक सरल, पारदर्शी और डिजिटल समाधान के रूप में ‘एग्रीपथ’ चैटबॉट विकसित किया है।

‘एग्रीपथ’ चैटबॉट एक AI आधारित व्हाट्सएप चैटबॉट है, जो मराठी भाषा में कार्य करता है। यह चैटबॉट प्रश्न-उत्तर के माध्यम से किसानों से आवश्यक जानकारी प्राप्त करता है और उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर खेत-रास्ते से संबंधित आवेदन स्वतः तैयार करता है। तैयार किया गया आवेदन किसान अपने मोबाइल पर डाउनलोड कर प्रिंट निकाल सकता है, जिससे आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह सरल और सुलभ बन जाती है।

इस चैटबॉट की प्रमुख विशेषताओं में मराठी भाषा में सहज संवाद, नए खेत-रास्ते के लिए आवेदन तथा अवरुद्ध मार्ग को खुलवाने के लिए अलग-अलग आवेदन निर्माण, शासन के नियमों के अनुसार सटीक, पूर्ण और त्रुटिरहित आवेदन तैयार करना तथा मोबाइल पर आवेदन डाउनलोड कर प्रिंट की सुविधा शामिल है।

‘एग्रीपथ’ चैटबॉट के माध्यम से किसानों को कई महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त हो रहे हैं। आवेदन के लिए कार्यालय जाने की आवश्यकता समाप्त हो गई है, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है। टाइपिंग सेंटर का खर्च नहीं करना पड़ता और कम समय में आवेदन तैयार हो जाता है। कम साक्षरता वाले किसान भी इस चैटबॉट का आसानी से उपयोग कर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और भरोसेमंद होने से किसानों का प्रशासन पर विश्वास भी मजबूत होता है।

प्रशासन के दृष्टिकोण से भी यह पहल अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। सुव्यवस्थित और नियमों के अनुरूप आवेदन प्राप्त होने से उनकी जांच और कार्यवाही तेजी से हो रही है। अधिकारियों और कर्मचारियों का समय बच रहा है तथा सेवा वितरण में कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।

‘एग्रीपथ’ चैटबॉट ग्रामीण प्रशासन में आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह पहल न केवल जालना जिले के लिए, बल्कि पूरे महाराष्ट्र के अन्य जिलों के लिए भी एक अनुकरणीय (रिप्लिकेबल) मॉडल के रूप में सामने आई है। इससे कृषि उत्पादन, परिवहन व्यवस्था और समग्र ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

किसानों की दैनिक समस्याओं का समाधान करने वाली यह डिजिटल सेवा प्रशासन और नागरिकों के बीच की दूरी को कम कर रही है और गुड गवर्नेंस की संकल्पना को प्रत्यक्ष रूप से साकार कर रही है। जालना जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा शुरू किया गया ‘एग्रीपथ’ चैटबॉट किसानों के लिए एक सरल, तेज़ और विश्वसनीय डिजिटल माध्यम के रूप में स्थापित हो रहा है तथा ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

— जिलाधिकारी : आशिमा मित्तल

‘एग्रीपथ’ चैटबॉट के लिए संपर्क:
मोबाइल नंबर 9172814066 पर व्हाट्सएप करें या उपलब्ध क्यूआर कोड को स्कैन करें।

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