बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कथित कृत्य पर FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच की SDPI की मांग

जालना / कादरी हुसैन
सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) जालना ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर एक महिला के साथ कथित रूप से किए गए अमर्यादित, आपत्तिजनक और असंवैधानिक व्यवहार को लेकर कड़ा विरोध दर्ज किया है। SDPI ने इसे महिलाओं के सम्मान, गरिमा और संवैधानिक मूल्यों पर सीधा हमला करार देते हुए मामले में तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
SDPI जालना का कहना है कि विभिन्न समाचार चैनलों और सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो व दृश्यों से यह संकेत मिलता है कि सार्वजनिक मंच पर संबंधित महिला की सहमति के बिना शारीरिक हस्तक्षेप किया गया। इस कथित घटना से न केवल महिला के सम्मान और गरिमा को ठेस पहुंची है, बल्कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी गलत संदेश गया है। साथ ही धार्मिक प्रतीकों और भावनाओं की पवित्रता के अपमान के आरोपों को भी पार्टी ने गंभीर चिंता का विषय बताया है।
पार्टी ने स्पष्ट किया कि महिलाओं का सम्मान, गोपनीयता और गरिमा भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार हैं और कोई भी व्यक्ति, चाहे वह किसी भी बड़े पद पर क्यों न हो, कानून से ऊपर नहीं है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 में महिलाओं की लज्जा भंग, यौन उत्पीड़न, सहमति के बिना शारीरिक संपर्क तथा धार्मिक भावनाओं को आहत करने जैसे अपराधों के लिए सख्त प्रावधान किए गए हैं।
इसी पृष्ठभूमि में SDPI जालना की ओर से संबंधित पुलिस थाने में आधिकारिक शिकायत प्रस्तुत करते हुए निम्नलिखित मांगें की गई हैं—
पूरे मामले में तत्काल FIR दर्ज की जाए।
मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कराई जाए।
दोषी पाए जाने पर कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
SDPI ने यह भी स्पष्ट किया कि यह मामला किसी राजनीतिक द्वेष से प्रेरित नहीं है, बल्कि महिलाओं के सम्मान, संवैधानिक मूल्यों और कानून के शासन से जुड़ा हुआ है। पार्टी का कहना है कि यदि ऐसे मामलों की अनदेखी की गई, तो भविष्य में इसके गंभीर सामाजिक परिणाम सामने आ सकते हैं।
महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय के लिए SDPI ने अपने संघर्ष को लगातार जारी रखने का संकल्प दोहराया है।
शिकायत प्रस्तुत करते समय समी कौसर, मलीहा फातेमा, जिला उपाध्यक्ष असदुल्ला रजवी, जिला उपाध्यक्ष इरफान खान, विधानसभा अध्यक्ष शेख सईद, शेख साजिद, मोबीन खान, उज़ेफ खान, शेख वसीम, मौलाना मुजाहिद, शेख सोबान और शेख अकरम उपस्थित थे।
