मराठवाड़ा में अवैध रेत परिवहन तेज, प्रशासन की अनदेखी से माफिया बेखौफ

लोणार/फिरदोस खान पठान
मराठवाड़ा क्षेत्र में पूर्णा नदी के पात्र से विदर्भ की ओर अवैध रूप से रेत का परिवहन दिन-रात खुलेआम जारी है। इस पूरे मामले में राजस्व विभाग की अनदेखी और पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर शहर में गंभीर चर्चा हो रही है। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार से रेत से भरे वाहन बिना किसी रोक-टोक के चल रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही।
लोणार शहर में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य चल रहे हैं, जिसके कारण रेत की मांग काफी अधिक है। इसी का फायदा उठाकर रेत माफिया मनमाने और अत्यधिक दामों पर रेत की आपूर्ति कर रहे हैं। पूर्णा नदी पात्र से मराठवाड़ा और लोणार शहर के वाहन बड़ी संख्या में अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रहे हैं, जिन पर किसी प्रकार का नियंत्रण नहीं है।
आरोप है कि राजस्व विभाग आंखें मूंदे बैठा है और पुलिस प्रशासन भी अवैध रेत परिवहन करने वालों को सहयोग कर रहा है। यहां तक कि लोणार पुलिस स्टेशन का एक कर्मचारी नियमित रूप से रेत माफियाओं के साथ देखा जाता है, ऐसी चर्चा भी शहर में है।
शुरुआत में राजस्व विभाग ने दिखावे के तौर पर दिन-रात कार्रवाई करते हुए कई रेत माफियाओं पर कार्रवाई की थी, लेकिन अब विभाग की चुप्पी से यह स्पष्ट होता है कि बड़े आर्थिक लेन-देन के चलते जानबूझकर अनदेखी की जा रही है, ऐसा विश्वसनीय सूत्रों से बताया जा रहा है।
अवैध रेत परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे कई वाहनों पर नंबर प्लेट तक नहीं होती। ये वाहन तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाए जाते हैं, जिससे आम नागरिकों की जान को खतरा बना हुआ है। इनके खिलाफ कोई कार्रवाई न होने से रेत माफिया और भी बेखौफ हो गए हैं।
इतना ही नहीं, कुछ समाचार पत्रों से जुड़े पत्रकारों के भी इस अवैध कारोबार में शामिल होने की चर्चा है। आरोप है कि दो-तीन तयशुदा पत्रकार केवल दो सौ से पांच सौ रुपये लेकर इन वाहनों को पास कराने में मदद करते हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
नागरिकों की ओर से मांग की जा रही है कि जिलाधिकारी इस पूरे मामले में तत्काल ध्यान दें और अवैध रेत परिवहन पर सख्त कार्रवाई कर अंकुश लगाएं।
