परभणी उर्स से वक्फ बोर्ड को ₹2.70 करोड़ की आय, श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर होगा विशेष फोकस

जालना/कादरी हुसैन
परभणी जिले की पहचान और हिंदू–मुस्लिम एकता के प्रतीक माने जाने वाले उर्स का आयोजन इस वर्ष 1 फरवरी से किया जाएगा। राज्य के महाराष्ट्र राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा निकाली गई उर्स निविदा से इस वर्ष कुल 2 करोड़ 70 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई है। बारह दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव में लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
इस वर्ष उर्स प्रबंधन के लिए कुल तीन निविदाएँ प्राप्त हुई थीं, जिनमें सर्वाधिक 2.70 करोड़ रुपये की बोली लगाने वाली टापरे इलेक्ट्रिकल्स एंड इंजीनियर्स, हिंगोली को उर्स व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ठेके के अंतर्गत शो-लैंड की व्यवस्था, लगभग 650 दुकानों की स्थापना, प्रदर्शनी क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति, पार्किंग प्रबंधन सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही परभणीवासियों और जायरीनों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी विशेष आयोजन किया जाएगा, जिनमें मुशायरा, कव्वाली और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल होंगी। परंपरा के अनुसार वक्फ बोर्ड की ओर से विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाएगा।
उर्स की तैयारियों को लेकर 19 जनवरी को जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में सभी संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें उत्सव को सुचारू और सुरक्षित रूप से संपन्न कराने के निर्देश दिए गए। तैयारियों की दूसरी समीक्षा बैठक 27 जनवरी को प्रस्तावित है।
इस वर्ष सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करते हुए वक्फ बोर्ड की ओर से 100 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, साथ ही प्रमुख स्थानों पर एलईडी स्क्रीन भी स्थापित की जाएंगी। उर्स के दौरान कड़े पुलिस बंदोबस्त के निर्देश दिए गए हैं। यह जानकारी परभणी जिला वक्फ अधिकारी इमरान नदवी ने दी।
