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खिंझना गाँव में सीरतुन्नबी जलसा सम्पन्न उलमा ने दी इंसानी फर्ज़, आपसी भाईचारे और सामाजिक जिम्मेदारियों पर खास तालीम

फतेहपुर (बाराबंकी)/ नूर मोहम्मद अल्वी 

ग्राम पंचायत खिंझना में रविवार को सीरतुन्नबी का जलसा अत्यंत शांतिपूर्ण और रूहानी माहौल में सम्पन्न हुआ। मस्जिद मोहम्मदिया, पुरानी बाज़ार में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शिरकत की।

जलसे की शुरुआत मदरसा मोहम्मदिया के बच्चों की सामूहिक नात-ए-नबी से हुई, जिसने माहौल को मोहब्बत और अकीदत से भर दिया। इसके बाद इमाम मौलाना अरसद जमाल इस्लाही ने जलसे की रूपरेखा पेश करते हुए नबी-ए-करीम ﷺ की सीरत से सीखने की आवश्यकता पर संक्षिप्त रोशनी डाली।

मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद मौलाना गफ्फार सैल्फ़ी ने अपने बयान में कहा कि जब ईमान, नबी, नमाज़, रोज़ा और पूरी शरियत एक है, तो इंसानों के बीच फूट, दूरी या नफ़रत का कोई औचित्य नहीं बचता। उन्होंने समाज में एक-दूसरे के दुख-दर्द को समझने, सहयोग करने और आपसी मेल-जोल को बढ़ाने की अपील की।

इसके बाद मौलाना जर्जी़स ने इंसानियत के फर्जों पर विस्तार से बात करते हुए पड़ोसियों के हक़, रिश्तेदारों के साथ अच्छे व्यवहार, समाज में कमजोरों की मदद और अनाथ बच्चों की देखभाल जैसे अहम मुद्दों पर विशेष मार्गदर्शन दिया। उनके बयान ने उपस्थित लोगों को गहराई से प्रभावित किया।

करीब चार घंटे चले इस रूहानी जलसे में गाँव भर के लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में मोहम्मद अस्फ़ाक, एडवोकेट मोहम्मद खालिद, मोहम्मद आमिर, मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद नासिर, नूर मोहम्मद अल्वी, मोहम्मद अस्फ़ाक अल्वी, मोहम्मद समी, मोहम्मद रिज़वान, मोहम्मद सब्बीर, मोहम्मद निसार सहित अनेक सम्मानित नागरिकों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का समापन दुआ, अमन और सामाजिक सद्भाव के संदेश के साथ हुआ।

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